BRICS Summit : भोपाल। मध्य प्रदेश का इंदौर शहर 9 जून से ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के बड़े सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन में सदस्य और साझेदार देशों सहित करीब 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में इंदौर में होने वाला यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाला साबित होगा। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स समूह आज दुनिया के सबसे प्रभावशाली मंचों में शामिल है, जिसके सदस्य देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि और करीब 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन है।
छोटे किसानों पर रहेगा विशेष फोकस
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन में छोटे और सीमांत किसानों को केंद्र में रखकर चर्चा की जाएगी। कृषि अनुसंधान, बाजार तक पहुंच, कृषि ऋण, किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के अवसरों जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा।
उन्होंने बताया कि भारत की प्राथमिकता है कि नई तकनीकों और शोध का लाभ छोटे किसानों तक पहुंचे, ताकि उनकी आजीविका मजबूत हो सके और कृषि क्षेत्र अधिक टिकाऊ बन सके।
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चार प्रमुख विषयों पर होगी चर्चा
ब्रिक्स सम्मेलन में मुख्य रूप से चार अहम विषयों पर विचार-विमर्श होगा
- खाद्य सुरक्षा, पोषण और आजीविका
- कृषि व्यापार और सहयोग
- जलवायु अनुकूल एवं सतत कृषि
- कृषि और खाद्य प्रणालियों में नवाचार तथा साझेदारी
इन विषयों पर सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और साझा रणनीति तैयार करने पर चर्चा की जाएगी।
9 से 13 जून तक चलेगा कार्यक्रम
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें आयोजित होंगी। इसके बाद 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक होगी। सम्मेलन के दौरान खाद्य हानि को कम करने, पशुपालन, मत्स्य पालन, किसानों के अधिकार और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के उपयोग जैसे विषयों पर भी मंथन किया जाएगा।
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महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर भी जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से 12 जून को “लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा” विषय पर विशेष मंत्री स्तरीय संवाद आयोजित किया जाएगा।
बनेगी ‘ब्रिक्स वाटिका’
सम्मेलन के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए “ब्रिक्स वाटिका” का निर्माण भी किया जाएगा। इसमें सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधि सामूहिक रूप से पौधारोपण करेंगे।
इसके अलावा विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने के लिए इंदौर के राजवाड़ा, छप्पन दुकान और मांडू जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने विश्वास जताया कि इंदौर में होने वाला यह सम्मेलन ब्रिक्स देशों के बीच कृषि सहयोग को नई ऊंचाई देगा और दुनिया भर के छोटे किसानों के हितों को मजबूती से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।