IMD Heatwave Alert : मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है और तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अप्रैल के मध्य में ही प्रदेश के कई जिलों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो सामान्य से अधिक माना जा रहा है। तेज धूप और लू जैसी स्थिति ने पूरे प्रदेश में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
तापमान में लगातार वृद्धि
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाओं और साफ आसमान के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खासकर दोपहर के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है।
16 जिलों में लू का येलो अलर्ट
प्रदेश के 16 जिलों में लू (हीट वेव) का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि इन इलाकों में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रह सकता है और इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
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12 जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव
गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बच्चों को तेज धूप से बचाने के लिए प्रदेश के 12 जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। राजधानी भोपाल में स्कूल अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों को दोपहर की तेज गर्मी से राहत मिल सके।
इन शहरों में सबसे ज्यादा तापमान
अगर तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 9 शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है। उमरिया में सबसे अधिक 42.9°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि टीकमगढ़-नौगांव में 42.8°C और मंडला में 42.5°C तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा दमोह, गुना और दतिया में 42.2°C, सागर और सतना में 41.8°C, छिंदवाड़ा में 41.6°C और नर्मदापुरम व शाजापुर में 41.4°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं सीधी, नरसिंहपुर, रीवा और मलाजखंड में भी तापमान 41.2°C के आसपास बना हुआ है।
स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा असर
गर्मी का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह की गर्मी में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु में हो रहे बदलाव के कारण गर्मी का पैटर्न बदल रहा है और तापमान में असामान्य वृद्धि देखने को मिल रही है। अप्रैल के महीने में ही इस तरह की भीषण गर्मी का पड़ना चिंता का विषय माना जा रहा है।
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लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें, अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें और धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को ढककर रखें।
आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में फिलहाल प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार कम नजर आ रहे हैं और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव मानी जा रही है।