Sehore Water Crisis : सीहोर में गहराया जल संकट, नलों से गायब पानी, 500 रुपए में मंगवाने पड़ रहे टैंकर

Sehore Water Crisis

Sehore Water Crisis : सीहोर। सीहोर प्री-मानसून की बारिश के बाद भी सीहोर शहर में पानी की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में लोगों को नलों में पानी नहीं मिल रहा, जबकि दूसरी तरफ निजी टैंकर संचालक एक टैंकर पानी के लिए 500 रुपए तक वसूल रहे हैं। पानी और बिजली की अव्यवस्था से शहरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पानी सप्लाई के समय चली जाती है बिजली स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जलापूर्ति का समय होता है, तब अक्सर बिजली चली जाती है। वहीं बिजली आने के बाद भी कई बार पानी की सप्लाई नहीं हो पाती। बिजली और जल प्रदाय विभाग के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नगर पालिका ने एक दिन छोड़कर नियमित पानी सप्लाई का दावा किया था, लेकिन जमीनी स्थिति कुछ और ही दिखाई दे रही है। कई मोहल्लों में लोग घंटों नलों के पास इंतजार करते हैं, लेकिन पानी नहीं आता। इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। Cyber Crime : ऑनलाइन फ्रेंडशिप के जाल में फंसी महिला, यूके से गिफ्ट भेजने का झांसा, महिला से 3.91 लाख की साइबर ठगी टैंकरों की मांग बढ़ी, लोगों पर बढ़ा खर्च जल संकट के कारण शहर में निजी पानी टैंकरों की मांग तेजी से बढ़ गई है। इसका फायदा उठाकर टैंकर संचालक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। एक टैंकर के लिए लोगों को 500 रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है। मेंटेनेंस के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था नागरिकों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले बिजली कंपनी मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती करती है। इसके बावजूद पहली बारिश के बाद ही बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। लोगों का आरोप है कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण समस्या और गंभीर हो गई है। Harda Mandi Bhav : हरदा में मक्का के दामों में बड़ा उछाल, किसानों को मिल रहा बेहतर भाव लगातार पानी और बिजली की समस्या से परेशान लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। शहरवासियों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में यही हालात बनते हैं। इसलिए अस्थायी इंतजामों के बजाय पानी और बिजली की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पड़े।  

Cyber Crime : ऑनलाइन फ्रेंडशिप के जाल में फंसी महिला, यूके से गिफ्ट भेजने का झांसा, महिला से 3.91 लाख की साइबर ठगी

Cyber Crime

Cyber Crime :नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहाँ एक ट्राइडेंट कंपनी में काम करने वाली महिला कर्मचारी से ऑनलाइन दोस्ती कर ठगों ने करीब 3.91 लाख रुपए की ठगी कर ली। बताया जा रहा है कि, आरोपी ने खुद को यूनाइटेड किंगडम (यूके) का निवासी बताकर महंगे गिफ्ट और पैसे भेजने का लालच दिया, फिर टैक्स और कस्टम क्लियरेंस के नाम पर महिला से रकम ऐंठ ली। जानकारी के मुताबिक, नर्मदापुरम की रहने वाली महिला बुधनी स्थित ट्राइडेंट कंपनी में काम करती है। करीब एक महीने पहले उसकी पहचान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए समीर अली नाम के व्यक्ति से हुई थी। इस दौरान आरोपी ने खुद को इंग्लैंड के ब्रिस्टल शहर का निवासी बताया था। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने महिला का भरोसा जीत लिया। Naxalism Free State : सीएम मोहन यादव बोले, नक्सलवाद खत्म करने वाला पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, सुशासन की रफ्तार रहेगी जारी गिफ्ट और पैसे भेजने का दिया लालच कुछ समय बाद आरोपी ने महिला से कहा कि वह यूके से उसके लिए महंगे गिफ्ट और कुछ पैसे भेज रहा है। उसने महिला को भरोसा दिलाया कि जब वह भारत आएगा तो अपना सामान वापस ले लेगा। इसके बाद आरोपी ने कहा कि पार्सल भारत पहुंचने पर ट्रांसपोर्ट और टैक्स का खर्च महिला को पहले जमा करना होगा। फर्जी अधिकारी बनकर मांगे पैसे अगले ही दिन महिला के पास एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताया और पार्सल छोड़ने के लिए अलग-अलग शुल्क जमा करने को कहा। ठगों ने ट्रांसपोर्ट चार्ज, एनओसी और अन्य क्लियरेंस फीस के नाम पर महिला से पैसे मांगे। झांसे में आकर महिला ने 2 जून से 7 जून के बीच अलग-अलग QR कोड और UPI नंबरों पर पैसे ट्रांसफर कर दिए। दौरान महिला ने कुल 3 लाख 91 हजार रुपए ठगों के खातों में भेज दिए। Raisen Protest : रायसेन में पानी और बिजली की समस्या पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, महिलाओं ने हाईवे पर किया चक्का जाम एमपी ऑनलाइन सेंटर पर खुली ठगी की पोल जब पैसे भेजने के बाद भी न तो कोई पार्सल मिला और न ही रकम वापस आई, तो महिला को शक हुआ। इसके बाद वह एक एमपी ऑनलाइन सेंटर पहुंची और पूरी जानकारी दी। सेंटर संचालक ने महिला को बताया कि उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। इसके बाद महिला ने तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल की शुरुआती जांच के बाद देहात थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी करने वाले आरोपी कहां से काम कर रहे थे और पैसे किन खातों में भेजे गए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें। विदेश से गिफ्ट, पार्सल या पैसे भेजने के नाम पर टैक्स और कस्टम शुल्क मांगने वाले कॉल या मैसेज अक्सर साइबर ठगी का हिस्सा होते हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें। Harda Mandi Bhav : हरदा में मक्का के दामों में बड़ा उछाल, किसानों को मिल रहा बेहतर भाव

Naxalism Free State : सीएम मोहन यादव बोले, नक्सलवाद खत्म करने वाला पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, सुशासन की रफ्तार रहेगी जारी

Naxalism Free State

Naxalism Free State : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा है कि राज्य पुलिस ने पिछले सालों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और सुशासन को आगे बढ़ाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। पुलिस की उपलब्धियों पर जताया संतोष मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि उनकी सरकार के दौरान पुलिस ने कई ऐसे कार्य किए हैं, जिन्होंने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया है। पुलिस की सक्रियता और प्रतिबद्धता के कारण अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस लगातार जनता की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बेहतर काम कर रही है। Raisen Protest : रायसेन में पानी और बिजली की समस्या पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, महिलाओं ने हाईवे पर किया चक्का जाम नक्सलवाद खत्म करने वाला पहला राज्य बना मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का ऐसा राज्य है जिसने सबसे पहले नक्सलवाद जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। डॉ. यादव ने कहा कि विकास और सुरक्षा साथ-साथ चलते हैं। जब प्रशासन विकास कार्यों को गति देता है और पुलिस अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करती है, तब सुशासन की मजबूत व्यवस्था तैयार होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन की जो सकारात्मक लहर बनी है, उसे आगे भी बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए प्रशासन और पुलिस दोनों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ कानून व्यवस्था मजबूत रहने से आम लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ता है और प्रदेश तेजी से प्रगति करता है। Harda Mandi Bhav : हरदा में मक्का के दामों में बड़ा उछाल, किसानों को मिल रहा बेहतर भाव मीनाक्षी नटराजन मामले पर कांग्रेस पर साधा निशाना राज्यसभा चुनाव से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर हार और असफलता के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराने की आदत पड़ गई है। कभी वे चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं, कभी चुनाव अधिकारियों पर और कभी न्यायपालिका पर। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को यह सोचने की जरूरत है कि आखिर उसकी स्थिति लगातार कमजोर क्यों होती जा रही है। उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय पार्टी को अपने संगठन और कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए। डॉ. यादव ने कहा कि जनता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत फैसला करती है और राजनीतिक दलों को जनता के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।    

Raisen Protest : रायसेन में पानी और बिजली की समस्या पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, महिलाओं ने हाईवे पर किया चक्का जाम

raisen protest

Raisen Protest : रायसेन। रायसेन जिले के सलामतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मुक्तापुर में पेयजल और बिजली की समस्या को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दे रहा है। शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं खाली बर्तन लेकर भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 पर बैठ गईं और चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पानी के लिए रोजाना जूझ रहे ग्रामीण दरअसल, ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता है। खासकर महिलाओं को रोजाना कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। AIIMS Bhopal : AIIMS भोपाल में बड़ी लापरवाही, कैंसर पीड़ित 3 साल के मासूम को दवा की जगह लगा दिया फॉर्मेलिन पानी की समस्या के साथ-साथ गांव में लगातार बिजली कटौती भी लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार रातभर बिजली नहीं रहती, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। गर्मी के मौसम में हालात और भी कठिन हो गए हैं। खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतरीं महिलाएं समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीण महिलाएं खाली बर्तन लेकर हाईवे पर पहुंच गईं और सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की। चक्का जाम के कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। Harda Mandi Bhav : हरदा में मक्का के दामों में बड़ा उछाल, किसानों को मिल रहा बेहतर भाव सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारी प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही सलामतपुर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। प्रशासन की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया और सड़क से हट गए। इसके बाद हाईवे पर यातायात फिर से सामान्य हो सका। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द ही गांव में पानी और बिजली की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए हैं।

Harda Mandi Bhav : हरदा में मक्का के दामों में बड़ा उछाल, किसानों को मिल रहा बेहतर भाव

Harda Mandi Bhav : हरदा। हरदा जिले के मक्का उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है। पिछले करीब 15 दिनों में मक्का के दामों में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां पहले मक्का 1200 से 1300 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रहा था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर करीब 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। साथ ही, कीमतों में आई इस तेजी से किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलने लगा है। केंद्र सरकार के फैसले का दिखा असर मक्का के दामों में आई इस बढ़ोतरी के पीछे केंद्र सरकार का एक अहम फैसला माना जा रहा है। सरकार ने एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए 20 से 30 प्रतिशत तक एथनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में छूट दी है। इस फैसले के बाद एथनॉल की मांग तेजी से बढ़ी है। AIIMS Bhopal : AIIMS भोपाल में बड़ी लापरवाही, कैंसर पीड़ित 3 साल के मासूम को दवा की जगह लगा दिया फॉर्मेलिन एथनॉल बनाने में मक्का एक महत्वपूर्ण कच्चा माल माना जाता है। जैसे ही एथनॉल की मांग बढ़ी, फैक्ट्रियों ने बड़ी मात्रा में मक्का की खरीद शुरू कर दी। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और मक्का के भाव तेजी से ऊपर जाने लगे। हरदा मंडी में भी व्यापारियों ने मक्का की खरीद बढ़ा दी है। जिले से बड़ी मात्रा में मक्का विभिन्न एथनॉल प्लांटों को भेजा जा रहा है। किसानों का कहना है कि लंबे समय बाद उन्हें अपनी उपज का अच्छा दाम मिल रहा है। किसान संदीप गुर्जर के अनुसार, मौजूदा भाव किसानों के लिए राहत देने वाले हैं और इससे उनकी आय में सुधार होगा। एथनॉल फैक्ट्रियों तक पहुंच रही हरदा की मक्का मंडी व्यापारियों के मुताबिक हरदा से मक्का बदनावर, घाटा बिल्लोद और नीमच स्थित एथनॉल फैक्ट्रियों में भेजी जा रही है। एथनॉल उत्पादन बढ़ने के कारण आने वाले समय में भी मांग बनी रहने की संभावना जताई जा रही है। मंडी अधिकारियों का मानना है कि एथनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने से एक ओर जहां देश की पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम होगी, वहीं दूसरी ओर मक्का उत्पादक किसानों को भी सीधा फायदा मिलेगा। MP Transfer Policy : एमपी में ट्रांसफर पॉलिसी बदलने की तैयारी, सीएम बोले-काम नहीं तो 6 महीने में भी हटेंगे अधिकारी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि एथनॉल की मांग इसी तरह बढ़ती रही तो मक्का की कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सकती है।

AIIMS Bhopal : AIIMS भोपाल में बड़ी लापरवाही, कैंसर पीड़ित 3 साल के मासूम को दवा की जगह लगा दिया फॉर्मेलिन

AIIMS Bhopal

AIIMS Bhopal : भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित एम्स (AIIMS) में इलाज के दौरान हुई कथित लापरवाही ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। ब्लड कैंसर से जूझ रहे 3 साल के मासूम बच्चे की मौत उस समय हो गई, जब उसे दवा की जगह गलती से फॉर्मेलिन इंजेक्ट कर दिया गया। मामले की जांच में अस्पताल स्टाफ की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद पुलिस ने दो नर्सिंग अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ब्लड कैंसर का इलाज कराने आया था मासूम जानकारी के अनुसार सागर जिले की बीना तहसील के ग्राम कौरजा निवासी 3 वर्षीय सार्थक यादव ब्लड कैंसर से पीड़ित था। उसका इलाज AIIMS भोपाल में चल रहा था। गंभीर हालत के चलते उसे 15 दिसंबर 2025 को अस्पताल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी था और परिवार को बच्चे के ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन इलाज के दौरान हुई एक गंभीर गलती उसकी जान पर भारी पड़ गई। MP Transfer Policy : एमपी में ट्रांसफर पॉलिसी बदलने की तैयारी, सीएम बोले-काम नहीं तो 6 महीने में भी हटेंगे अधिकारी दवा की जगह लगा दिया गया फॉर्मेलिन जांच रिपोर्ट के अनुसार बायोप्सी सैंपल सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला रसायन फॉर्मेलिन एक सिरिंज में भरकर वार्ड में रखा गया था। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग अधिकारी ने इसे निर्धारित सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय मरीजों के बेड के पास छोड़ दिया। 17 दिसंबर की सुबह बच्चे की आईवी लाइन में समस्या आने पर दूसरी नर्स ने बिना सिरिंज की जांच किए और बिना लेबल देखे वही सिरिंज उठाकर बच्चे की नस में इंजेक्ट कर दी। पिता ने तीन बार चेताया, फिर भी नहीं मानी बात परिजनों का आरोप है कि इंजेक्शन लगाए जाने के दौरान बच्चे के पिता ने नर्स को कई बार बताया कि सिरिंज में दवा नहीं लग रही है और कुछ गड़बड़ लग रही है। उन्होंने तीन बार आपत्ति भी जताई, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी बात सुनी जाती तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। Bhopal Crime News : “पापा ने मम्मी को मार दिया”… भोपाल में 7 साल के बेटे की बात से खुला संदिग्ध मौत का मामला इंजेक्शन लगते ही बिगड़ गई हालत फॉर्मेलिन शरीर में पहुंचते ही बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह अचेत हो गया और उसकी हालत तेजी से गंभीर होती चली गई। मेडिकल टीम ने तुरंत उसे पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में शिफ्ट किया। डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने के लिए सीपीआर सहित कई प्रयास किए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद सुबह करीब 8:45 बजे उसकी मौत हो गई। मामले की जांच के लिए अस्पताल स्तर पर गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि बच्चे की मौत का कारण फॉर्मेलिन का नस के जरिए शरीर में पहुंचना था रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अस्पताल प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और नर्सिंग स्टाफ की गंभीर लापरवाही के कारण यह घटना हुई। दो नर्सिंग अधिकारियों पर मामला दर्ज जांच रिपोर्ट के आधार पर बागसेवनिया थाना पुलिस ने दोनों नर्सिंग अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक नर्स पर लापरवाही से मौत होने से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है, जबकि दूसरी नर्स पर खतरनाक रसायन को असुरक्षित तरीके से रखने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। Fire Accident Bhopal : भोपाल के हलालपुरा में पटाखा दुकान में भीषण आग, धमाकों से दहला इलाका; लाखों का सामान जलकर राख क्या होता है फॉर्मेलिन? फॉर्मेलिन एक रासायनिक घोल होता है, जिसका उपयोग मेडिकल संस्थानों में बायोप्सी सैंपल, ऊतकों और अन्य जैविक नमूनों को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। यह फॉर्मल्डिहाइड गैस का घोल होता है और इसे अत्यंत विषैला रसायन माना जाता है। शरीर में जाने पर क्यों है खतरनाक? विशेषज्ञों के अनुसार फॉर्मेलिन शरीर के अंदर पहुंचने पर गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर यदि यह सीधे नसों के जरिए शरीर में चला जाए तो यह ऊतकों को नुकसान पहुंचाता है और कई अंगों पर बुरा असर डाल सकता है। ऐसी स्थिति में मरीज की हालत तेजी से बिगड़ सकती है और गंभीर मामलों में जान का खतरा भी पैदा हो सकता है।

MP Transfer Policy : एमपी में ट्रांसफर पॉलिसी बदलने की तैयारी, सीएम बोले-काम नहीं तो 6 महीने में भी हटेंगे अधिकारी

CM Mohan Yadav

MP Transfer Policy: भोपाल। मध्य प्रदेश में तबादला नीति को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि भविष्य में कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले केवल तय समय सीमा के आधार पर नहीं, बल्कि उनके कामकाज और प्रदर्शन के आधार पर किए जाएं। मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि अच्छे काम करने वाले कर्मचारियों को सिर्फ तीन साल पूरे होने के कारण हटाना जरूरी नहीं होना चाहिए। वहीं जिनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उन्हें तीन साल पूरे होने का इंतजार किए बिना भी बदला जा सकता है। Bhopal News : भोपाल में पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था संदिग्ध फराज, टारगेट किलिंग की दी गई थी ट्रेनिंग अच्छे काम करने वालों को मिल सकती है राहत अभी तक आमतौर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी का एक स्थान पर तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद तबादला किया जाता रहा है। लेकिन नई व्यवस्था में बेहतर काम करने वाले कर्मचारियों को उसी स्थान पर काम जारी रखने का मौका मिल सकता है। मुख्यमंत्री का मानना है कि केवल समय सीमा के आधार पर तबादले करने के बजाय कार्य क्षमता और परिणामों को महत्व दिया जाना चाहिए। खराब प्रदर्शन पर जल्दी हो सकती है कार्रवाई नई सोच के तहत ऐसे अधिकारी और कर्मचारी जिनका काम संतोषजनक नहीं है, उन्हें लंबे समय तक एक ही जगह बनाए रखने की जरूरत नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर कम समय में भी उनका तबादला किया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल तबादलों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, इसलिए इस बार नई व्यवस्था लागू करना मुश्किल है। लेकिन अगले वर्ष की तबादला नीति में प्रदर्शन आधारित व्यवस्था को शामिल किया जा सकता है। इसके लिए अलग-अलग मापदंड तय किए जाएंगे, जिनके आधार पर कर्मचारियों के काम का मूल्यांकन होगा। CM Mohan Yadav on Women Empowerment : महिला सशक्तिकरण पर बोले सीएम मोहन यादव, महिलाओं की तरक्की ही विकसित मध्य प्रदेश की पहचान तबादलों की अंतिम तारीख नजदीक, फिर भी कई विभागों में सन्नाटा प्रदेश सरकार ने 13 दिन पहले तबादलों से प्रतिबंध हटाया था। 15 जून तबादलों की अंतिम तारीख है, लेकिन कई विभागों में अब तक एक भी तबादला नहीं हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकांश विभागों ने खाली पदों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की। वहीं कई जगहों पर तबादलों को लेकर सिर्फ अंदरूनी स्तर पर सूचियां तैयार की जा रही हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में तकनीकी दिक्कत स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई, लेकिन पोर्टल ठीक से काम नहीं कर पा रहा है। इससे बड़ी संख्या में शिक्षक परेशान हैं और आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हुई है। स्वास्थ्य विभाग में हजारों आवेदन मिलने के बावजूद तबादलों को लेकर कोई बड़ा फैसला नहीं हुआ है। इसी तरह जनजातीय कार्य विभाग में भी बड़ी संख्या में आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं। Bhopal Crime News : “पापा ने मम्मी को मार दिया”… भोपाल में 7 साल के बेटे की बात से खुला संदिग्ध मौत का मामला कुछ तबादलों को लेकर बढ़ा विवाद नगरीय प्रशासन विभाग में कुछ अधिकारियों के तबादलों को लेकर विवाद भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए बिना आदेश जारी कर दिए गए, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची। इसके अलावा एक जिले में पुलिस अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी सवाल उठे हैं। मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तबादला प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट, व्यवस्थित और निष्पक्ष बनाया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

Bhopal News : भोपाल में पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था संदिग्ध फराज, टारगेट किलिंग की दी गई थी ट्रेनिंग

Bhopal News

Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश एटीएस (ATS) की गिरफ्त में आए संदिग्ध मोहम्मद फराज से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार फराज पाकिस्तान से जुड़े व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स के संपर्क में था और उसे देश विरोधी गतिविधियों के लिए तैयार किया जा रहा था। छह साल पहले आया कट्टरपंथी नेटवर्क के संपर्क में जानकारी के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया है कि करीब छह साल पहले फराज की पहचान देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला से हुई थी। नईम ने ही उसका परिचय एक पाकिस्तानी हैंडलर से कराया था। इसके बाद वह धीरे-धीरे ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिए कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़ता चला गया। CM Mohan Yadav on Women Empowerment : महिला सशक्तिकरण पर बोले सीएम मोहन यादव, महिलाओं की तरक्की ही विकसित मध्य प्रदेश की पहचान व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा था जांच में पता चला है कि फराज कई ऐसे व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स का हिस्सा था, जिनमें पाकिस्तान, भारत और अन्य देशों के लोग जुड़े हुए थे। इन ग्रुप्स में कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्री साझा की जाती थी और युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी। टारगेट किलिंग के लिए किया जा रहा था तैयार एटीएस सूत्रों के मुताबिक फराज को समय पर टारगेट किलिंग जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम देने के लिए तैयार किया जा रहा था। उसे कुछ कट्टरपंथी व्यक्तियों का उदाहरण देकर उनके जैसा बनने के लिए प्रेरित किया गया था। पासपोर्ट बनवाने और विदेश जाने की दी गई सलाह पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ग्रुप से जुड़े युवाओं को पासपोर्ट बनवाने के लिए कहा गया था। जांच एजेंसियों को शक है कि उन्हें विदेश भेजकर प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही थी। इसके लिए कथित तौर पर कुछ वीडियो और अन्य सामग्री भी साझा की गई थी। एटीएस को आरोपी के पास से कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ी सामग्री भी मिली है। एजेंसियां जब्त किए गए मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। PM E-Bus Service : CM मोहन यादव की पहल से सागर को मिलेगी ई-बस सेवा, 30 जून तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश सागर में जल्द दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें जांच में सामने आए नामों के आधार पर एटीएस अब नईम अब्दुल्ला की तलाश कर रही है। उसके खिलाफ पहले से भी मामला दर्ज बताया जा रहा है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। फिलहाल मोहम्मद फराज एटीएस की रिमांड पर है। जांच एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।