Bhopal Taxi Drivers Protest : भोपाल। राजधानी भोपाल में शुक्रवार को ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया हैं। भोपाल टैक्सी चालक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में टैक्सी चालक बोर्ड ऑफिस चौराहे पर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान चालक फटे कपड़े पहनकर और हाथों में कटोरा लेकर प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगते नजर आए।
ड्राइवरों का कहना है कि ओला, उबर और रेपिडो जैसी कंपनियों की मौजूदा नीतियों के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और अब उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
“कमाई से न घर चल रहा, और न ही गाड़ी”
प्रदर्शन के दौरान कई ड्राइवरों ने अपनी परेशानियां खुलकर सामने रखीं। उनका कहना था कि कंपनियों द्वारा दिए जा रहे किराए में गाड़ी चलाने का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है।
एक चालक ने कहा कि हालत इतनी खराब हो गई है कि जरूरी खर्च पूरे करना भी मुश्किल हो रहा है। उनका आरोप है कि लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों के बावजूद किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही।
₹9 प्रति किलोमीटर कमाई, खर्च ₹11 तक
भोपाल टैक्सी चालक संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि वर्तमान में ड्राइवरों को औसतन करीब 9 रुपये प्रति किलोमीटर का किराया मिल रहा है, जबकि डीजल, पेट्रोल, सीएनजी, वाहन रखरखाव और अन्य खर्चों को जोड़कर लागत 11 रुपये प्रति किलोमीटर तक पहुंच रही है।
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उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ड्राइवरों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। कई चालक या तो घर का खर्च चला पा रहे हैं या फिर वाहन की किस्त जमा कर पा रहे हैं। दोनों जिम्मेदारियां एक साथ निभाना बेहद मुश्किल हो गया है।
कंपनियों पर मनमानी का आरोप
संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले ने आरोप लगाया कि कंपनियां परिवहन विभाग और आरटीओ की ओर से तय किए गए किराए का पूरी तरह पालन नहीं कर रही हैं।
उनका कहना है कि जब वर्ष 2014-15 में ऐप आधारित टैक्सी सेवाएं भोपाल में शुरू हुई थीं, तब निर्धारित नियमों का पालन किया जाता था, लेकिन समय के साथ कंपनियों ने अपनी शर्तों के अनुसार किराया तय करना शुरू कर दिया, जिसका सीधा असर ड्राइवरों की आय पर पड़ा है।
लंबे समय से उठा रहे मांगें
प्रदर्शन कर रहे चालकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने रख रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि हर बार उन्हें केवल आश्वासन दिया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई बदलाव देखने को नहीं मिलता।
टैक्सी चालक संघ का कहना है कि सरकार द्वारा तय किराए को लागू कराया जाए और कंपनियों को उसका पालन करने के लिए बाध्य किया जाए। संघ का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में किराए में बढ़ोतरी ही ड्राइवरों की आर्थिक स्थिति सुधारने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। ड्राइवरों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर भोपाल में टैक्सी और ऑटो सेवाओं को भी बंद किया जा सकता है। चालकों का कहना है कि उनका उद्देश्य आम लोगों को परेशान करना नहीं है, बल्कि अपनी आजीविका बचाने के लिए सरकार और कंपनियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करना है।