MP News : भोपाल। नवंबर का महीना तीन परिवारों के लिए जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल लेकर आया। सालों से दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठे माँ-बाप को उनकी गुमशुदा बेटियाँ वापस मिल गईं। तीन अलग-अलग इलाकों की ये तीनों किशोरियाँ छोटी-सी बात पर घर छोड़कर चली गई थीं। किसी ने सोचा भी नहीं था कि लौटने में 4 से 12 साल तक लग जाएंगे।
पहली कहानी पिपलानी इलाके की है। साल 2013 में 14 साल की एक लड़की पढ़ाई को लेकर माँ से झगड़ पड़ी। गुस्से में घर छोड़ा और सीधे भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंच गई। पहली ट्रेन पकड़ी जो गुजरात जा रही थी।
कई दिनों तक स्टेशन-स्टेशन भटकती रही। फिर वापस भोपाल आई, लेकिन घर जाने की हिम्मत नहीं हुई। स्टेशन पर एक परिचित लड़का मिला जो चेन्नई नौकरी करने जा रहा था।
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लड़की उसके साथ चली गई। 18 साल की हुई तो वहीं शादी कर ली और एक बच्चे की माँ भी बन गई। घरवाले हर त्योहार यही सोचकर गुजारते थे कि शायद आज बेटी लौट आए। नवंबर 2025 में पुलिस ने गुपचुप तरीके से छानबीन की और आखिरकार बेटी को ढूंढ निकाला। 12 साल बाद जब वह माँ के गले लगी तो पूरा थाना भावुक हो गया।
दूसरी घटना बजरिया क्षेत्र की है। मोहल्ले की सबसे होशियार लड़की ने 12वीं में 98 प्रतिशत अंक लाए थे। लेकिन घर में तनाव इतना बढ़ गया कि जनवरी 2025 में वह भी घर छोड़कर चली गई।
पुलिस ने दूरदर्शन, सोशल मीडिया, रेलवे सीसीटीवी हर जगह खोजबीन की। एक सीसीटीवी फुटेज में वह गोरखपुर एक्सप्रेस में अकेली बैठी दिखी। इसके बाद पुलिस की टीमें ट्रेन के पूरे रूट पर तैनात हो गईं।
बीना, ललितपुर, झांसी, कानपुर, अयोध्या समेत 13 स्टेशनों की तलाशी ली गई। कई महीने बाद पता चला कि वह इंदौर में है। पुलिस ने तुरंत वहाँ छापा मारा और लड़की को सकुशल बरामद कर लिया। लड़की ने बताया कि वह सिर्फ आगे पढ़ना चाहती थी, कोई बहकाया नहीं था। पिता उसे देखते ही फूट-फूटकर रो पड़े।
तीसरी कहानी बागसेवनिया की 16 साल की लड़की की है। माँ से झगड़ा हुआ तो वह भी स्टेशन पहुंच गई और मद्रास जाने वाली ट्रेन में चढ़ गई। रास्ते में एक महिला मिली जिसने काम और रहने का लालच दिया। दोनों डिंडीगुल (तमिलनाडु) पहुंच गए। वहाँ लड़की एक फैक्ट्री में काम करने लगी और हॉस्टल में रहने लगी। चार साल बीत गए।
एक दिन रूममेट के फोन से उसने इंस्टाग्राम पर कुछ फोटो डालीं। दीवारों और हॉस्टल का बैकग्राउंड देखकर पड़ोस के एक लड़के ने पहचान लिया और उसके माता-पिता को खबर की।
पुलिस ने फोटो की लोकेशन ट्रेस की, फैक्ट्री एरिया की छानबीन की और 400 किलोमीटर दूर से लड़की को सुरक्षित वापस लाई। माँ ने बेटी को देखते ही बिना कुछ कहे सीने से लगा लिया।