MP Fraud Case : मध्य प्रदेश। इंदौर शहर में सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों की अब खैर नहीं। क्राइम ब्रांच ने एक शातिर ठग को दबोच लिया है, जो बिना परीक्षा दिए पुलिस कॉन्स्टेबल की नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपए ऐंठता था। आरोपी ने एक महिला से 6 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने रविवार को यह सनसनीखेज खुलासा किया। तकनीकी सबूतों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया।
आरोपी की पहचान देवास जिले के रहने वाले अजय पाटीदार के रूप में हुई है। वह खुद को पुलिस कॉन्स्टेबल बताकर लोगों को बेवकूफ बनाता था। पीड़िता महिला ने शिकायत की कि अजय ने उसे कॉन्स्टेबल पद पर नौकरी दिलाने का वादा किया।
बिना किसी परीक्षा के सीधे भर्ती का लालच दिया और 6 लाख रुपये ले लिए। महिला प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी, तभी यह ठग उसके संपर्क में आया।
पुलिस पूछताछ में अजय ने कबूल किया कि वह लोगों को प्रभावित करने के लिए झूठा कॉन्स्टेबल बनता था। जैसे ही उसे पता चलता कि कोई युवा या युवती नौकरी की तैयारी कर रहा है, वह उन्हें निशाना बनाता।
क्राइम ब्रांच के डीएसपी ने बताया कि आरोपी के मोबाइल और कॉल डिटेल्स से उसकी करतूतों का पता चला। वह सोशल मीडिया और आम संपर्कों से शिकार ढूंढता था।
अजय का आपराधिक रिकॉर्ड पुराना है। देवास में उसके खिलाफ जुआ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत कई केस दर्ज हैं। इंदौर के आजाद नगर थाने में भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई हो चुकी है। वह पहले भी ठगी के मामलों में फंसा हुआ है।
क्राइम ब्रांच ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2) और 319(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। ये धाराएं ठगी और धोखाधड़ी से जुड़ी हैं।
MP News : राजगढ़ के मनीष अटोदिया की डबल सक्सेस, MPPSC में सहायक संचालक और BDO बने
पुलिस ने आरोपी से 6 लाख रुपये में से कुछ राशि बरामद कर ली है। अब उसके बैंक अकाउंट और अन्य ठगी के शिकार लोगों की तलाश की जा रही है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि अजय जैसे ठग अक्सर पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को ठगते हैं। ऐसे में कोई भी नौकरी का लालच दे तो पहले पुलिस से सत्यापन करें।