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CM Mohan Yadav Announcement : MP स्थापना दिवस पर सीएम मोहन यादव की बड़ी सौगात, ‘ओंकारेश्वर अभ्यारण्य’ की घोषणा

CM Mohan Yadav Announcement

CM Mohan Yadav Announcement : खंडवा। मध्य प्रदेश आज 1 नवंबर को अपने 70वें स्थापना दिवस पर खुशियों से सराबोर है। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य को एक नया अभ्यारण्य समर्पित करने की घोषणा की। यह अभ्यारण्य खंडवा और देवास जिलों के घने जंगलों को जोड़कर बनेगा। नाम रखा गया है ओंकारेश्वर अभ्यारण्य। वर्तमान में प्रदेश में 26 अभ्यारणियां हैं। यह 27वां होगा। सीएम ने कहा कि यह न सिर्फ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आश्रय बनेगा। बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक महत्व से पर्यटकों को भी लुभाएगा। स्थानीय लोगों को रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

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स्थापना दिवस की सौगात

मुख्यमंत्री ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में चल रहे मुख्य समारोह के दौरान यह ऐलान किया। उन्होंने बताया कि 611 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अभ्यारण्य का दर्जा मिलेगा। इसमें खंडवा जिले का 350 वर्ग किलोमीटर और देवास का 260 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल है।

खास बात यह है कि इसमें कोई आबादी वाला इलाका नहीं है। इसलिए लोगों का विस्थापन नहीं होगा। सीएम बोले, “यह अभ्यारण्य एमपी की जैव विविधता को मजबूत करेगा। पर्यटन से जुड़े अवसर बढ़ेंगे।” यह घोषणा ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ थीम के अनुरूप है। जो राज्य को विकास और संरक्षण के पथ पर ले जा रही।

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ओंकारेश्वर अभ्यारण्य में वन्यजीवों की भरमार है। खीवनी अभ्यारण्य से कॉरिडोर बनेगा। जहां पहले से 11 बाघ मौजूद हैं। यहां टाइगर, भालू, तेंदुआ, हायना जैसे मांसाहारी जानवर घूमते हैं। चीतल, सांभर, नीलगाय जैसे शाकाहारी प्राणी भी भरपूर हैं।

इंदिरा सागर बांध के बैकवॉटर में 50 से ज्यादा टापू हैं। घने जंगलों में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी चहचहाते हैं। प्राकृतिक झरने और पहाड़ियां सौंदर्य बढ़ाती हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह क्षेत्र जैव विविधता हॉटस्पॉट है। अभ्यारण्य बनने से संरक्षण आसान होगा।

बुनियादी सुविधाएं तैयार

खंडवा के ओंकारेश्वर में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से तैयार है। स्टाफ के लिए रेसिडेंशियल क्वार्टर बने हैं। चेकपोस्ट, वॉच टावर और पेट्रोलिंग कैंप लगे हैं। वन मंडल अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी और ट्रैकिंग सिस्टम भी इंस्टॉल हो रहे। पर्यटकों के लिए सफारी रूट बनेंगे। इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। कोई मानवीय हस्तक्षेप न होने से जानवरों का आवागमन स्वतंत्र रहेगा।

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पर्यटन और रोजगार का नया द्वार

यह अभ्यारण्य ओंकारेश्वर मंदिर के करीब है। आध्यात्मिक पर्यटन से जुड़ाव मजबूत होगा। इंदिरा सागर की खूबसूरती पर्यटकों को बुलाएगी। स्थानीय आदिवासी समुदायों को गाइड, होमस्टे और क्राफ्ट बिक्री से कमाई होगी। सीएम ने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी। पर्यटन विभाग ने योजना बनाई है। ट्रेनिंग प्रोग्राम चलेंगे। एमपी अब वन्यजीव पर्यटन में अग्रणी बनेगा।

27वां अभ्यारण्य

मध्य प्रदेश वन्यजीवों का स्वर्ग है। कान्हा, बांधवगढ़, पेंच जैसे टाइगर रिजर्व प्रसिद्ध हैं। 26 अभ्यारणियों में रत्नागिरि, माधव, धार जैसे शामिल। ओंकारेश्वर 27वां बनेगा। राज्य में 13% क्षेत्र वनाच्छादित है। टाइगर पॉपुलेशन 526 है। यह घोषणा संरक्षण के संकल्प को मजबूत करती। पर्यावरण मंत्री कुणाल सिंह चौधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में यह कदम अहम।

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