MP SIR Controversy : नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का हमला- वोटर लिस्ट से आदिवासी वोट ‘काटने’ की BJP की साजिश, 50 लाख प्रभावित

Leader of Opposition Umang Singhar

MP SIR Controversy : भोपाल। मध्य प्रदेश सहित 12 राज्यों में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने SIR को ‘सिलेक्टिव इंटेंसिव रिमूवल’ करार दिया, यानी वोटर लिस्ट से चुनिंदा नाम हटाने की साजिश।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह प्रक्रिया भाजपा के फायदे के लिए है। आयोग ने हर साल जनवरी में स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) की है, तो SIR की जरूरत क्यों? अगर आयोग को अपनी प्रक्रिया पर भरोसा नहीं, तो जनता कैसे करेगी?

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आयोग ही गड़बड़ी कर रहा, SIR पर भरोसा कैसे?

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 19 अगस्त 2025 की अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला दिया। तब उन्होंने 2023 विधानसभा चुनाव में 27 से ज्यादा सीटों पर वोट चोरी के प्रमाण दिखाए थे। लेकिन न मध्य प्रदेश चुनाव आयोग और न भारत निर्वाचन आयोग ने जवाब दिया।

उन्होंने कहा, “आयोग ने 9 जून 2025 को पत्र जारी कर कहा कि अंतिम सूची के बाद जो नाम जुड़ेंगे, उनकी जानकारी वेबसाइट पर नहीं डाली जाएगी।” सिंघार का आरोप है कि भाजपा ने आयोग के एजेंट बनकर जवाब दिया।

उन्होंने कहा, “दो महीने में 16 लाख वोट बढ़े। आयोग ही गड़बड़ी कर रहा, तो SIR पर विश्वास कैसे?” मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 65 लाख मतदाता हैं। 65 हजार मतदान केंद्र। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक सिर्फ एक महीने में इतने मतदाताओं की जांच कैसे संभव? दस्तावेज सत्यापन में पारदर्शिता कैसे बनेगी?

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बिहार का उदाहरण देकर साजिश का आरोप

सिंघार ने बिहार का हवाला दिया। वहां SIR के बाद लाखों मजदूरों के नाम काटे गए। बाहर काम करने वाले वोटर सूची से गायब। लोकसभा में 20 जुलाई 2023 के जवाब से कहा कि मध्य प्रदेश के 50 लाख लोग बाहर काम करते हैं। क्या उन्हें वापस आना पड़ेगा? सिंघार ने कहा, “50 लाख नाम काटने की साजिश। बिहार में 65 लाख नाम हटे। मध्य प्रदेश में भी यही होगा।”

आदिवासी वोटरों के नाम काटने की तैयारी

सिंघार ने आदिवासी वोटरों पर निशाना साधा। कहा, “भाजपा आदिवासियों के नाम काटने की तैयारी कर रही। तीन लाख वनाधिकार पट्टे खारिज। इससे 12-18 लाख वोट प्रभावित।” सिंघार का आरोप है कि आदिवासियों के पास नेटवर्क नहीं। BLO नाम हटाएंगे। यह साजिश दलित, अल्पसंख्यक और OBC तक फैलेगी। बाहर काम करने वाले नाम काटे जाएंगे।

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SIR का शेड्यूल और विवाद

चुनाव आयोग ने SIR दूसरे चरण की घोषणा की। मध्य प्रदेश सहित 12 राज्यों में 51 करोड़ मतदाता कवर। 4 नवंबर से घर-घर सर्वे। 7 फरवरी 2026 को फाइनल सूची। लेकिन विपक्ष ने विरोध जताया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, “वोट चोरी नहीं होने देंगे। हर बूथ पर BLA रहेंगे।”

भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने SIR का समर्थन किया। कहा, “जरूरी प्रक्रिया।” सिंघार ने चेतावनी दी कि SIR से चुनाव प्रभावित होंगे। कांग्रेस आंदोलन करेगी। आयोग जवाब दे। यह विवाद 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी का संकेत।

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