MP SIR Voter List Revision : भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने से पहले राजनीतिक दलों की बैठक में कांग्रेस ने कई आपत्तियां दर्ज की। कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने कहा कि जिन घरों में 15 या अधिक वोटर हैं, वहां बीएलओ से अलग घोषणा पत्र लेना चाहिए। उन्होंने 10 बिंदुओं पर सवाल उठाए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने कांग्रेस के अलावा भाजपा, आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों के साथ SIR निर्देश साझा किए।
कांग्रेस की मुख्य आपत्तियां:
– 7,000 नए मतदान केंद्रों को शामिल नहीं किया गया। इससे बीएलओ नियुक्ति संभव नहीं।
– 5 करोड़ 74 लाख मतदाताओं की गणना 1 महीना 8 दिन में 2002 सूची के आधार पर असंभव।
– बीएलओ का हर घर 3 बार जाना औपचारिकता। एक महीने में संभव नहीं।
– गणना पत्रक न मिलने पर भी नाम विलोपन न हो।
– फॉर्म हिंदी में भरें।
– पुराने बीएलओ की अदला-बदली करें।
– वर्तमान फोटो अपलोड करें।
– आधार कार्ड से लिंक करें।
– 10-15+ वोटर वाले घरों पर अलग घोषणा पत्र।
– मकान नंबर शून्य न हो। नई संख्या दें।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने SIR दूसरा चरण घोषित किया। इसमें मध्य प्रदेश शामिल है। इसकी प्रक्रिया 28 अक्टूबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगी। 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक बीएलओ प्रशिक्षण होगा।
फिर 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर सर्वे किया जायेगा। 9 दिसंबर को प्रारूप प्रकाशन होगा। 9 दिसंबर से 9 जनवरी तक दावा-आपत्ति और 9 दिसंबर से 31 जनवरी तक सत्यापन प्रक्रिया संपन्न की जाएगी । 7 फरवरी 2026 को फाइनल सूची जारी की जाएगी। झूठी घोषणा पर जुर्माना और कारावास कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने राजनीतिक दलों से बीएलओ नियुक्ति का आग्रह किया। मतदाता सूची फ्रीज हो गई। 2003 सूची वोटर्स.eci.in या CEO वेबसाइट पर उपलब्ध। फॉर्म 6 नाम जोड़ने, 7 हटाने, 8 सुधार के लिए। बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव, सुरभि तिवारी, राजेश यादव, कांग्रेस से जेपी धनोपिया, भाजपा से भगवानदास सबनानी, एसएस उप्पल, AAP से सुमित चौहान उपस्थित रहे।
SIR से मतदाता सूची साफ होगी। पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाएगा। कांग्रेस ने जल्दबाजी पर सवाल उठाए। लेकिन आयोग ने कहा कि प्रक्रिया पारदर्शी है। राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा। मध्य प्रदेश में 5 करोड़ 74 लाख मतदाता प्रभावित। युवा और महिलाओं के नाम जोड़ने पर जोर।