Damoh Foot Washing Incident MP News : जबलपुर। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में ग्राम सतरिया के मंदिर में ओबीसी युवक से पैर धुलवाने की घटना चर्चा में बनी हुई है। इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई से इनकार कर दिया। अब यह प्रकरण चीफ जस्टिस की बेंच में सूचीबद्ध होगा। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की बेंच ने कहा कि यह मामला संवेदनशील है। इसे उच्च स्तर पर सुनना उचित रहेगा।
घटना 10 अक्टूबर 2025 की है। सतरिया गांव के मंदिर में अनुज पांडे उर्फ अन्नू पांडे ने पुरुषोत्तम कुशवाहा (ओबीसी) से पैर धुलवाए। पानी पिलाया। कारण था पुरुषोत्तम का एआई से एडिटेड मीम शेयर करना। जिसमें अनुज को जूते की माला पहनाया था। वीडियो वायरल होने पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। जस्टिस अतुल श्रीधरन की बेंच ने जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया।
बेंच ने दमोह कलेक्टर और एसपी को आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाने का निर्देश दिया। कहा कि यह जातिगत हिंसा का उदाहरण है। हिंदू समाज की एकता को नुकसान पहुंचा रहा। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अगर जातिवाद बढ़ा, तो हिंदू समाज का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। दमोह पुलिस ने FIR दर्ज की। NSA के तहत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। लेकिन कोर्ट के लिखित आदेश आने से पहले कार्रवाई हो गई।
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बाद में कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज की। इंटरविनर आवेदन स्वीकार किया। कलेक्टर और एसपी को हलफनामा देने को कहा। अधिकारियों ने बताया कि NSA कार्रवाई हो चुकी। अनुज पांडे के वकील नमन नगरथ ने दलील दी कि पीड़ित ने एआई से फोटो एडिट की। कोर्ट का आदेश अपलोड न होने पर NSA लगाना गलत। बिना जांच कार्रवाई अनुचित। कोर्ट ने यूट्यूब चैनलों को नोटिस जारी किया। वीडियो की सत्यता पूछी।
जस्टिस श्रीधरन की बेंच ने कहा कि घटना मानव गरिमा का उल्लंघन। संविधान की समानता का हनन। दमोह SP ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आश्वासन दिया। धारा 196(2) जोड़ी गई। लेकिन धारा 296 का इस्तेमाल समझ न आया। कोर्ट ने धारा 351 (बल प्रयोग) और 133 (अपमान) जोड़ने को कहा।
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अब चीफ जस्टिस संजीव सच्चदेवा की बेंच में सुनवाई होगी। जल्द सूचीबद्ध होगा। यह मामला जातिगत हिंसा पर कोर्ट की सख्ती दिखाता। दमोह प्रशासन ने कार्रवाई की। लेकिन प्रक्रिया पर सवाल उठे। पीड़ित पुरुषोत्तम ने कहा कि मीम शेयर करने पर बदला लिया गया। अनुज गुट ने मंदिर में घेरा। पैर धोने को मजबूर किया।
Q. दमोह पैर धुलवाने कांड में हाईकोर्ट ने क्या किया?
जस्टिस अतुल श्रीधरन की बेंच ने स्वत: संज्ञान लिया। जनहित याचिका दर्ज। दमोह कलेक्टर-एसपी को NSA कार्रवाई का निर्देश दिया।
Q. डिवीजन बेंच ने सुनवाई क्यों इनकार की?
जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की बेंच ने कहा कि मामला संवेदनशील। चीफ जस्टिस की बेंच में सूचीबद्ध होगा।
Q. घटना का कारण क्या था?
पुरुषोत्तम कुशवाहा (ओबीसी) ने अनुज पांडे का एआई एडिटेड मीम शेयर किया। जूते की माला पहनाई। बदले में मंदिर में पैर धुलवाए। पानी पिलाया।
Q. NSA कार्रवाई कब हुई?
कोर्ट के मौखिक आदेश के तुरंत बाद। पांच आरोपी गिरफ्तार। लेकिन लिखित आदेश आने से पहले। कोर्ट ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
Q. कोर्ट ने जातिगत हिंसा पर क्या कहा?
हिंदू समाज की एकता को नुकसान। अगर जारी रहा, तो हिंदू समाज का अस्तित्व खतरे में। मध्य प्रदेश में बार-बार ऐसी घटनाएं शॉकिंग।
Q. यूट्यूब चैनलों को क्या नोटिस?
वीडियो की सत्यता पर नोटिस। दमोह SP को हलफनामा देने को कहा। FIR में धारा 351 और 133 जोड़ने का आदेश।
Q. अगली सुनवाई कब?
चीफ जस्टिस की बेंच में जल्द। पुनर्विचार याचिका खारिज। इंटरविनर आवेदन स्वीकार।