Supreme Court on Air India Plane Crash Report : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया के AI-171 विमान हादसे को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस घटना को महज ‘पायलट की गलती’ करार देना दुर्भाग्यपूर्ण है। अदालत ने इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से जवाब तलब किया है।
सुप्रीम कोर्ट की तीखी फटकार
सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने PIL पर नोटिस जारी किया। प्रशांत भूषण ने कहा, “100 दिन से ज्यादा हो गए, लेकिन पूरी रिपोर्ट नहीं। DGCA के तीन अधिकारी जांच टीम में, कंफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट?” उन्होंने वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट का हवाला दिया, जो सूत्रों से पायलट एरर की कहानी फैला रही।
जस्टिस सूर्यकांत ने फटकार लगाई, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच गोपनीय रखनी चाहिए, वरना पॉडकास्ट रूम में थ्योरी बनेंगी। अगर बाद में क्लीन चिट मिली, तो परिवार का क्या?”
भूषण ने जोर दिया, “फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर सार्वजनिक करो, विशेषज्ञ जांचें। पायलट अनुभवी थे, विमान की खामियां DGCA ने नजरअंदाज कीं।” कोर्ट ने सहमति जताई कि निष्पक्ष जांच जरूरी, लेकिन अटकलों से बचने को कहा। केंद्र, DGCA, AAIB से 4 हफ्ते में जवाब मांगा।
PIL याचिकाकर्ता सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन (NGO) ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट चुनिंदा थी – एकमात्र सर्वाइवर (40 वर्षीय व्यवसायी विश्वशकुमार रमेश, लेस्टर, यूके) का बयान गायब। AAIB ने 12 जुलाई को रिपोर्ट दी, लेकिन फुल डेटा छिपाया। भूषण ने चेतावनी दी, “बोइंग 787 में उड़ने वाले यात्री अब भी खतरे में।”
कोर्ट ने माना कि पारदर्शिता जरूरी, लेकिन गोपनीयता भी। एयर इंडिया ने फ्लाइट नंबर AI-171 रिटायर कर दिया, और ताटा सन्स ने ‘AI-171 मेमोरियल ट्रस्ट’ बनाया – पीड़ित परिवारों के लिए। लेकिन सवाल बरकरार – क्या AAIB की जांच निष्पक्ष है?
क्या हुआ था 12 जून को?
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन गेटविक जा रही AI-171 फ्लाइट में 230 यात्री (13 बच्चे, 2 शिशु) और 12 क्रू मेंबर्स सवार थे।
टेकऑफ के महज 32 सेकंड बाद विमान अनियंत्रित हो गया और 1.7 किमी दूर बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में धड़ाम से गिर पड़ा। AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट (12 जुलाई 2025) में कहा गया कि फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ हो गए, इंजन थ्रस्ट बंद हो गया।
कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर में कैप्टन सुमीत सबरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के बीच बातचीत: “तुमने इसे कट क्यों किया?” “मैंने नहीं किया।” इससे पायलट एरर की अटकलें जोर पकड़ीं। लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया – ‘जांच रिपोर्ट आने से पहले ही मीडिया ने फैला दिया, परिवारों पर क्या गुजरेगी?’