Harda News : लव जिहाद टिप्पणी पर थाने में धरना, टिमरनी टीआई हटे और हेड कॉन्स्टेबल लाइन अटैच

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Timarni TI Removed in love Jihad Poster Comment Case : हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी थाने में रविवार रात को ऐसा ही तूफान आ गया। भाजपा कार्यकर्ता और हिंदू संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए, नारे लगाए और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाया। वजह? हेड कॉन्स्टेबल जगदीश पांडव की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी, जो लव जिहाद पर चर्चा के दौरान हुई। एसपी ने तुरंत कार्रवाई की- टीआई सुभाष दृश्यामकर को हटा दिया गया और पांडव को लाइन अटैच कर लिया।

सब कुछ तब शुरू हुआ जब टिमरनी थाने के हेड कॉन्स्टेबल जगदीश पांडव ने एक ग्रुप वॉट्सऐप चैट में लव जिहाद को लेकर टिप्पणी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पांडव ने वार्ड नंबर 1 और 2 के लोगों को हिंदुत्व को बढ़ावा न देने की बात कही, जो समुदाय के भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली थी।

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भाजपा मंडल अध्यक्ष अतुल बारंगे ने तो इसे और तीखा रंग देते हुए कहा कि पांडव ने नगर पार्षदों पर भी नालियों की सफाई न होने जैसी टिप्पणियां कीं, जिससे स्थानीय लोग भड़क गए। “ये सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, हमारे संस्कृति पर हमला है,” बारंगे ने कहा।

इस चैट के बाद आक्रोश फैल गया और रविवार रात को थाने के परिसर में करीब ढाई घंटे का धरना शुरू हो गया। प्रदर्शनकारी चिल्ला रहे थे – टीआई सुभाष दृश्यामकर को लाइन अटैच करो और पांडव को हटाओ!

प्रदर्शन की जड़ में एक छोटी-सी घटना थी। बताया जाता है कि दो बाइकों की टक्कर हो गई, जिसे पांडव थाने लेकर आए। लेकिन उन्होंने एक पक्ष के व्यक्ति के लिए किसी भाजपा नेता के फोन पर बात करने से इंकार कर दिया। ये बात पूर्व विधायक संजय शाह के समर्थकों को चुभ गई।

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पहली बार ऐसा हुआ कि भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा और महामंत्री बसंत सिंह राजपूत भी धरने पर बैठ गए। “पुलिस का काम कानून का पालन है, न कि राजनीतिक दबाव झुकना,” एक प्रदर्शनकारी ने कहा। एसपी शशांक जैन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। सोमवार सुबह ही टीआई दृश्यामकर को हटा दिया गया और थाने का प्रभार एसआई उदयराम चौहान को सौंप दिया गया।

वहीं, हेड कॉन्स्टेबल पांडव को लाइन अटैच कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी जीत बताया, लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या ये कार्रवाई न्यायपूर्ण थी या दबाव में?

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दरअसल, टीआई सुभाष दृश्यामकर का ट्रांसफर पहले ही एटीएस भोपाल में हो चुका था। बावजूद इसके, प्रदर्शनकारियों ने उन्हें भी लाइन अटैच करने की मांग की। स्थिति को शांत करने के लिए एसडीओपी भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया।

एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हम हिंदुत्व की रक्षा चाहते हैं, लेकिन पुलिस का रवैया गलत था। लव जिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी से पूरा माहौल बिगड़ जाता है।”  भाजपा नेताओं का कहना है कि ये प्रदर्शन समुदाय की एकजुटता दिखाता है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक स्टंट बता रहा है।

 

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