Narmadapuram Sand Mafia Exposed : नर्मदापुरम। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में एक बड़े संगठित रेत माफिया गिरोह का खुलासा हुआ है। किराए के मकान में रहने वाला अजय उर्फ बबलू अग्रवाल और उसका साथी राहुल खन्ना फर्जी इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजिट परमिट (ETP) बनाकर अवैध रेत की सप्लाई कर रहे थे। ED के अनुसार, इस फर्जीवाड़े से दोनों ने 30 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है।
6,000 से 10,000 रुपए प्रति परमिट
बबलू और राहुल वैध रेत घाटों के नाम पर फर्जी ETP तैयार करते थे और इन्हें नागपुर के रेत माफिया को 6,000 से 10,000 रुपए प्रति परमिट के हिसाब से बेचते थे।
जांच में पता चला कि ETP में दर्ज वाहन कभी मध्य प्रदेश के रेत घाटों पर नहीं पहुंचे। जीपीएस डेटा एनालिसिस से साफ हुआ कि ये वाहन सिर्फ नागपुर और आसपास के अवैध रेत घाटों के चक्कर लगाते रहे।
1.34 करोड़ रुपए फ्रीज
ED ने 9 जनवरी को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के 16 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इसमें नर्मदापुरम, बैतूल, नागपुर और भंडारा जिले शामिल थे। कार्रवाई में कुल 38.43 लाख रुपए नकद, 1.34 करोड़ रुपए की बैंक जमा राशि फ्रीज की गई। इसके अलावा 8 वाहन जब्त किए गए, जिनमें 1 BMW, 2 फॉर्च्यूनर, 1 थार, 2 जेसीबी और 2 पोकलैंड मशीनें शामिल हैं।
कोई फर्जी ETP नहीं बनाया
छापेमारी के दौरान बबलू अग्रवाल ने खुद को साधारण व्यक्ति बताया। उसने आगे कहा, “मैं 15 हजार की नौकरी करता हूं। मैंने कोई फर्जी ETP नहीं बनाया। राहुल खन्ना को नहीं जानता।
राहुल बाड़ीवा को जानता हूं। 2022 में हम दोनों धनलक्ष्मी और आरकेटीसी कंपनी में काम करते थे। राहुल ने मेरे खाते में कई बार पैसे डलवाए, जो मैंने वापस कर दिए।”
ED की जांच जारी
ED की टीम ने नर्मदापुरम में बबलू के घर पर 14 घंटे तक जांच की और रात 8:30 बजे टीम रवाना हुई। इसके अलावा बैतूल जिले के ग्राम डहरगांव में भाजपा नेता जुबेर पटेल के फार्महाउस पर भी छापा पड़ा।
यह कार्रवाई महाराष्ट्र के नागपुर और भंडारा जिले के अवैध रेत घाटों से जुड़ी है। ED की जांच जारी है और जल्द ही गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है। यह मामला मध्य प्रदेश में रेत माफिया की गहरी जड़ों को उजागर कर रहा है।