Sehore Water Crisis : सीहोर। सीहोर प्री-मानसून की बारिश के बाद भी सीहोर शहर में पानी की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में लोगों को नलों में पानी नहीं मिल रहा, जबकि दूसरी तरफ निजी टैंकर संचालक एक टैंकर पानी के लिए 500 रुपए तक वसूल रहे हैं। पानी और बिजली की अव्यवस्था से शहरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पानी सप्लाई के समय चली जाती है बिजली
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जलापूर्ति का समय होता है, तब अक्सर बिजली चली जाती है। वहीं बिजली आने के बाद भी कई बार पानी की सप्लाई नहीं हो पाती। बिजली और जल प्रदाय विभाग के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
नगर पालिका ने एक दिन छोड़कर नियमित पानी सप्लाई का दावा किया था, लेकिन जमीनी स्थिति कुछ और ही दिखाई दे रही है। कई मोहल्लों में लोग घंटों नलों के पास इंतजार करते हैं, लेकिन पानी नहीं आता। इससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
टैंकरों की मांग बढ़ी, लोगों पर बढ़ा खर्च
जल संकट के कारण शहर में निजी पानी टैंकरों की मांग तेजी से बढ़ गई है। इसका फायदा उठाकर टैंकर संचालक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। एक टैंकर के लिए लोगों को 500 रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे आम परिवारों का बजट बिगड़ रहा है।
मेंटेनेंस के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था
नागरिकों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले बिजली कंपनी मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली कटौती करती है। इसके बावजूद पहली बारिश के बाद ही बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। लोगों का आरोप है कि विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण समस्या और गंभीर हो गई है।
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लगातार पानी और बिजली की समस्या से परेशान लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
शहरवासियों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में यही हालात बनते हैं। इसलिए अस्थायी इंतजामों के बजाय पानी और बिजली की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पड़े।