President Droupadi Murmu MP Visit : ओंकारेश्वर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मध्य प्रदेश दौरे का आज दूसरा दिन है। गुरुवार को उन्होंने बेतूल में आदिवासी समाज से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था और ओंकारेश्वर-ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए थे। वहीं शुक्रवार को विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ चल रहे अभियान की सराहना की। साथ ही राष्ट्रपति ने कहा कि सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य तय समय से पहले पूरा कर लिया गया है।
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सवा करोड़ से ज्यादा लोगों की हो चुकी स्क्रीनिंग
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन के तहत तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में मध्य प्रदेश ने उल्लेखनीय काम किया है। उन्होंने बताया कि सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग पहले ही पूरी की जा चुकी है, जो तय लक्ष्य से आगे बढ़ने का संकेत है। राष्ट्रपति ने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान और जागरूकता इसके नियंत्रण में सबसे अहम भूमिका निभाती है।
जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड से बढ़ रही जागरूकता
राष्ट्रपति ने बताया कि स्क्रीनिंग के साथ बड़ी संख्या में लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी दिए गए हैं। इससे लोगों को बीमारी की प्रकृति, इसके जोखिम और बचाव के उपायों की जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सिकल सेल एनीमिया को गंभीर स्वास्थ्य चुनौती मानते हुए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि करीब तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन की शुरुआत की थी। यह अभियान सिर्फ बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजातीय समाज में जागरूकता बढ़ाने और भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
प्रदर्शनी में देखे इलाज और रिसर्च से जुड़े मॉडल
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने सिकल सेल एनीमिया से जुड़ी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। यहां बीमारी की पहचान, जांच और इलाज से जुड़े मॉडल प्रदर्शित किए गए थे। उन्होंने कहा कि यह देखकर खुशी हुई कि इस क्षेत्र में एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद में भी शोध किया जा रहा है।
2027 तक 1.60 करोड़ स्क्रीनिंग का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में पिछले तीन वर्षों के दौरान 1 करोड़ 32 लाख लोगों की सिकल सेल जांच की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2027 तक 1 करोड़ 60 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा है, जिसे तय समय से पहले पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्क्रीनिंग अभियान के बाद उपचार और प्रबंधन की दिशा में भी बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे।
कार्यक्रम में सिकल सेल मरीजों, नियमित रक्तदाताओं और समाज में जागरूकता फैलाने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा खालवा, छैगांव माखन, पुनासा और पंधाना क्षेत्र के उन सरपंचों को भी सम्मान मिला, जिन्होंने अपने गांवों में स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
विवाह पूर्व जांच से कम हो सकता है बीमारी का खतरा
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आनंद ओनकर ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि विवाह से पहले युवक-युवती की जांच कर संभावित जोखिमों की जानकारी दी जाती है। इससे भविष्य में बीमारी के प्रसार को रोकने में काफी मदद मिल सकती है।