Bhopal Municipal Corporation : भोपाल। राजधानी भोपाल में अब खुले में कचरा फेंकना या जलाना महंगा पड़ सकता है। नगर निगम जल्द ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम लागू करने जा रहा है। मंगलवार को आईएसबीटी स्थित नगर निगम परिषद हॉल में हुई विशेष बैठक में इन नियमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
इस बैठक में बताया गया कि शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए अब नियमों को और सख्ती से लागू किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति सड़क, खाली प्लॉट या सार्वजनिक जगह पर कचरा फेंकता है या कचरा जलाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
100 लोगों का कार्यक्रम है तो पहले निगम को बताना होगा
नए नियमों के मुताबिक अगर कोई संस्था, समाज या व्यक्ति 100 से ज्यादा लोगों का कोई कार्यक्रम आयोजित करता है, तो उसे कम से कम तीन दिन पहले नगर निगम को इसकी जानकारी देनी होगी। कार्यक्रम के दौरान निकलने वाले कचरे के निपटान की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
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बड़े भवनों, स्कूल-कॉलेजों पर भी रहेगा फोकस
नगर निगम बड़े भवनों, स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की भी जांच करेगा। यह देखा जाएगा कि वहां गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखा जा रहा है या नहीं और उसका सही तरीके से निपटान हो रहा है या नहीं।
सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने उठाए सवाल
बैठक के दौरान कई पार्षदों ने शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने कहा कि उनके वार्ड में आंधी से गिरा एक पेड़ हटाने में छह दिन लग गए। इससे लोगों को परेशानी हुई और निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए। इस पर कुछ भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई और कहा कि उनके क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था बेहतर है।
महापौर मालती राय ने कहा कि सफाई व्यवस्था की असली तस्वीर फील्ड में जाकर ही दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि कई पार्षद नियमित रूप से अपने वार्डों का दौरा करते हैं और समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं।
कचरा कैफे पहुंच गए कांग्रेस पार्षद
बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना 10 नंबर मार्केट स्थित कचरा कैफे पहुंचे। वहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और दावा किया कि कचरे के बदले सामान देने की व्यवस्था ठीक तरह से संचालित नहीं हो रही है। उन्होंने कुछ व्यवस्थाओं पर सवाल भी उठाए।
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कर्मचारियों और गाड़ियों की कमी का मुद्दा भी उठा
कई पार्षदों ने कहा कि शहर में सफाई कर्मचारियों की कमी है। कुछ वार्डों में कचरा गाड़ियां खराब हो जाती हैं तो कई दिनों तक कचरा नहीं उठ पाता। पार्षदों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और संसाधन मजबूत करने की मांग की।
30 जून तक लागू हो सकते हैं नए नियम
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि नए नियमों को 30 जून तक लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए निगम अपना एक्शन प्लान तैयार करेगा। अधिकारियों का दावा है कि नए नियम लागू होने के बाद शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था और बेहतर होगी तथा स्वच्छता अभियान को मजबूती मिलेगी।
बैठक के दौरान गर्मी भी चर्चा का विषय बनी रही। परिषद हॉल में एसी बंद होने के कारण कई पार्षद एजेंडे की कॉपी से खुद को हवा करते नजर आए।