हाइलाइट्स
- इंदौर में रिंग रोड परियोजना के विरोध में सैकड़ों किसान सड़कों पर उतरे।
- किसानों ने अर्धनग्न होकर, सम्मान में मिले मेडल और शील्ड गले में टांगकर प्रदर्शन किया।
- कलेक्टर शिवम वर्मा ने किसानों से बातचीत कर समाधान का भरोसा दिलाया।
- किसानों का आरोप उपजाऊ जमीन छीनी जा रही, मुआवजा और सर्वे में पारदर्शिता नहीं।
- ADM रोशन राय बोले 6 महीने से बातचीत जारी, समाधान की कोशिश।
Farmers Protest Indore : इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में रिंग रोड परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में सैकड़ों किसान सड़कों पर उतर आए। किसानों ने अर्धनग्न होकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

मेडल और शील्ड पहनकर जताया विरोध
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने खेती, नवाचार और सामाजिक कार्यों के लिए पहले मिले सम्मान के मेडल और शील्ड गले में टांगकर विरोध दर्ज कराया। किसानों का कहना था कि जब जमीन ही नहीं बचेगी तो इन सम्मानों का कोई महत्व नहीं रहेगा।

गर्मी से एक किसान हुआ बेहोश
लंबे समय तक चले प्रदर्शन और तेज गर्मी के कारण एक किसान मौके पर बेहोश हो गया। अन्य किसानों और प्रशासन की मदद से उसे प्राथमिक उपचार दिया गया।

कलेक्टर शिवम वर्मा पहुंचे मौके पर
स्थिति को संभालने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के साथ जमीन पर बैठकर चर्चा की और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। करीब पांच घंटे बाद प्रदर्शन शांत हुआ।

किसानों का आरोप: उपजाऊ जमीन छीनी जा रही
किसानों का कहना है कि रिंग रोड परियोजना के तहत उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जबकि इलाके में पहले से ही कई कनेक्टिंग सड़कें मौजूद हैं। यह जमीन उनकी आजीविका का मुख्य साधन है।
Harda News : हरदा में जलकर 75 से 200 रुपये करने पर बवाल, नपा उपाध्यक्ष ने पुनर्विचार की मांग…
मुआवजा और सर्वे प्रक्रिया पर सवाल
किसानों ने मुआवजा दर, सर्वे प्रक्रिया और पुनर्वास नीति में पारदर्शिता न होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आपत्तियों पर व्यक्तिगत सुनवाई नहीं हो रही और अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्दबाजी में आगे बढ़ाई जा रही है।

किसानों की प्रमुख मांगें
- बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा
- सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता
- स्पष्ट पुनर्वास नीति
- आपत्तियों पर व्यक्तिगत सुनवाई
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।