हाइलाइट्स
- कांग्रेस की SIR निगरानी समिति के अध्यक्ष सज्जन सिंह वर्मा का बड़ा बयान।
- SIR में 43 लाख नाम काटे और साढ़े 8 लाख नाम मिल नहीं रहे।
- 51 लाख वोटर के नाम गायब हैं।
MP Congress Meeting : भोपाल। मध्य प्रदेश में वोटर लिस्ट की सफाई (SIR प्रक्रिया) के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने बड़ा आरोप लगाते हुए 2023 के विधानसभा चुनाव को रद्द करने की मांग कर दी है। पार्टी की SIR निगरानी समिति के अध्यक्ष सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि SIR में 43 लाख नाम काटे गए और 8.5 लाख नामों का पता नहीं चला।
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सज्जन सिंह वर्मा का दावा
इस तरह कुल 51 लाख वोटरों के नाम गायब हो गए। वर्मा का दावा है कि इन्हीं गड़बड़ वोटर लिस्ट के आधार पर 2023 का विधानसभा और 2024 का लोकसभा चुनाव कराया गया।
2023 में भाजपा को कांग्रेस से सिर्फ 34 लाख वोट ज्यादा मिले थे, जिससे उसकी सरकार बनी। इससे साफ लगता है कि चुनाव आयोग की मिलीभगत से भाजपा ने सत्ता हासिल की।
आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने चुनाव आयोग से 2023 के चुनाव रद्द करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर आयोग ध्यान नहीं देता तो कांग्रेस कोर्ट जाएगी और इस मुद्दे पर आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ेगी।
कांग्रेस का कहना है कि SIR से सामने आए आंकड़े चुनाव में धांधली के सबूत हैं। पार्टी का मानना है कि वोटर लिस्ट में इतनी बड़ी गड़बड़ी से नतीजे प्रभावित हुए।
SIR में करीब 42.74 लाख नाम हटाए
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, SIR में करीब 42.74 लाख नाम हटाए गए हैं। इनमें मृतक, डुप्लीकेट, स्थान बदल चुके या अनुपस्थित वोटर शामिल हैं। आयोग का कहना है कि यह सफाई का सामान्य प्रक्रिया है और फाइनल लिस्ट फरवरी 2026 में आएगी।
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दावे-आपत्ति की अवधि अभी चल रही है। भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है और इसे हार की हताशा बताया है। आयोग ने पहले भी ऐसे आरोपों को बिना सबूत वाला करार दिया था।