हाइलाइट्स
-
मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में 12,319 घनमीटर मिट्टी का अवैध उत्खनन
-
करीब 1.83 करोड़ रुपए के संभावित जुर्माने का मामला
-
ढाई महीने बाद भी जिम्मेदार विभागों की कोई ठोस कार्रवाई नहीं
-
फेस-टू क्षेत्र में भी 1800 घनमीटर मिट्टी की अवैध खुदाई मिली
Narmadapuram News : नर्मदापुरम। संभाग के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र मोहासा में अवैध मिट्टी उत्खनन का बड़ा मामला सामने आया है। फेस-वन में करीब 12,319 घनमीटर मिट्टी की चोरी उजागर होने के ढाई महीने बाद भी जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस मामले में लगभग 1.83 करोड़ रुपए के संभावित जुर्माने का अनुमान है, लेकिन अब तक न तो प्रकरण दर्ज हुआ और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई है।
Holi Eye Safety Tips : आंखों में चला जाए गुलाल या केमिकल वाला रंग, तो तुरंत करें ये काम
एक प्लॉट से मिट्टी निकालकर दूसरे में डाली
जानकारी के अनुसार मोहासा औद्योगिक क्षेत्र फेस-वन के प्लॉट नंबर P-18 से बड़ी मात्रा में मिट्टी खोदी गई और उसे पास के प्लॉट नंबर 23 (रेस ग्रीन एनर्जी) की जमीन पर डाल दिया गया।
लंबे समय तक यह काम चलता रहा, लेकिन एमपीआईडीसी (मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम), खनिज, राजस्व और पंचायत से जुड़े अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
यह प्लॉट पहले मेसर्स प्रीमियम इंजीनियर्स ग्लोबल एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित था। कंपनी ने जमीन की कमी बताते हुए 5 दिसंबर 2025 को प्लॉट वापस कर दिया था।
इसके बाद यहां से अवैध मिट्टी खुदाई शुरू हो गई। 18 दिसंबर 2025 को मामला सामने आने पर जांच टीम मौके पर पहुंची थी।
नोटिस जारी, लेकिन नहीं हो पाया तामिल
खनिज विभाग ने सिविल वर्क करने वाली गोपाल बिल्डर्स के खिलाफ प्रकरण बनाकर एडीएम कोर्ट में भेजा था। कोर्ट ने 13 जनवरी और 2 फरवरी 2026 को दो बार नोटिस जारी किए, लेकिन हरियाणा के सोनीपत स्थित पते पर भेजी गई डाक गलत पते के कारण वापस लौट आई।
सही पता नहीं मिलने से नोटिस तामिल नहीं हो पाया और कार्रवाई अटकी हुई है।
Vidisha cyber fraud : विदिशा में 23 करोड़ की सबसे बड़ी साइबर ठगी, 7 महीने में 1.5 लाख ट्रांजेक्शन
उद्योग क्षेत्र में बिना अनुमति उत्खनन के आरोप
मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्ट्रियों का निर्माण चल रहा है, जिनमें रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट, राइस मिल और मक्का फैक्ट्रियां शामिल हैं। निर्माण कार्य में बड़ी मात्रा में मिट्टी, गिट्टी और रेत की जरूरत पड़ती है, लेकिन आरोप है कि कई जगह बिना रॉयल्टी और बिना अनुमति खुदाई कर सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
फेस-टू में भी सामने आया मामला
मोहासा के फेस-टू में भी अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। 8 फरवरी को हुई संयुक्त जांच में खसरा नंबर 501/1 से करीब 1800 घनमीटर भसुआ मिट्टी की खुदाई पाई गई। अनुमान है कि यहां से 350 से 400 ट्रॉली मिट्टी निकाली गई।
Holi 2026 MP : राजगढ़ में खेली गई ‘संवेदनाओं की होली’, चंद्रग्रहण के बावजूद निभाई परंपरा
जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम के मुताबिक फेस-टू के मामले में तीन लोगों पर संदेह है, जिनमें एक कोटवार और एक पंचायत प्रतिनिधि का नाम भी सामने आया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।