हाइलाइट्स
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नर्मदापुरम में भारतीय किसान संघ का बड़ा प्रदर्शन, 14 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना
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समर्थन मूल्य पंजीयन प्रक्रिया सरल करने की प्रमुख मांग
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नहरों से अतिक्रमण हटाने और नर्मदापुरम–रायपुर मार्ग निर्माण की मांग
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समस्याएं नहीं सुलझीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
Farmers Protest MP : नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिला मुख्यालय पर भारतीय किसान संघ ने अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। जिलेभर से पहुंचे किसान पीपल चौक पर एकत्रित होकर धरने पर बैठे और इसके बाद संभागीय कमिश्नर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
लंबे समय से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने और प्रशासन की सुस्ती के चलते किसानों में भारी नाराजगी है। किसान संघ का कहना है कि आज के इस धरने के जरिए वे अपनी आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं।
बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की संभावना
किसान संघ के इस धरने में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।
समस्याएं नहीं सुलझीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष ओमकार सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन को उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसान लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा।
समर्थन मूल्य पंजीयन प्रक्रिया सरल करने की मांग
किसान संघ द्वारा सौंपे जाने वाले 14 सूत्रीय ज्ञापन में समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया को सरल करने की मांग प्रमुखता से रखी गई है। किसानों का कहना है कि मौजूदा प्रक्रिया जटिल है, जिससे उन्हें अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
नहरों से अतिक्रमण हटाने और सड़क निर्माण की मांग
इन प्रमुख मुद्दों के अलावा किसान संघ ने नर्मदापुरम नगर सहित जिले की सभी नहरों से अतिक्रमण तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही नर्मदापुरम–रायपुर मार्ग का निर्माण कार्य बिना देरी के शुरू करने और तिवारी कॉलोनी में कच्चे मार्ग के निर्माण की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।
कृषि के लिए बिजली और जमीन विवाद का मुद्दा
किसानों के प्रदर्शन में स्थानीय समस्याएं भी प्रमुखता से उठाई गईं। संघ ने बनखेड़ी और पिपरिया क्षेत्र में कृषि कार्यों के लिए नियमित और सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी है।
इसके अलावा डोलरिया तहसील में 34 किसानों की निजी भूमि को शासकीय घोषित किए जाने के मामले का तत्काल निराकरण करने की भी मांग की गई है।
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प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
किसानों का कहना है कि वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर कार्रवाई चाहते हैं। यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।