MP News : सागर। डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के साइकोलॉजी विभाग में एक मामूली समय विवाद ने तूल पकड़ लिया। दो असिस्टेंट प्रोफेसरों के बीच कहासुनी क्लासरूम में मारपीट में बदल गई। संचिता मीणा ने दिव्या भनोट पर हमला और जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं, दिव्या ने इसे उल्टा बताया। पुलिस ने SC-ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना शुक्रवार दोपहर हुई।
क्लास टाइमिंग पर भिड़ंत
शुक्रवार दोपहर करीब 2:15 बजे साइकोलॉजी विभाग में हंगामा मच गया। संचिता मीणा अपना पीरियड लेने क्लास पहुंचीं। लेकिन दिव्या भनोट का स्लॉट 1 से 2 बजे का था, जो 15 मिनट ओवर हो चुका था। संचिता ने विरोध किया। बात बढ़ी तो दोनों के चैंबर में पहुंच गई।
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संचिता के मुताबिक, दिव्या ने गुस्से में आकर बदतमीजी की और हाथापाई शुरू कर दी। छात्रों और अतिथि शिक्षकों ने बीच-बचाव किया, लेकिन विवाद थमा नहीं। संचिता ने दावा किया कि दिव्या ने जाति आधारित गालियां भी दीं। शाम को वे सिविल लाइंस थाने पहुंचीं। थाना प्रभारी आनंद सिंह ने बताया, “शिकायत पर IPC की धारा 323 (मारपीट) और SC-ST एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई। जांच चल रही है।”
संचिता पर ही हमले का आरोप
दूसरी तरफ, दिव्या भनोट ने पूरी घटना को पलट कर रख दिया। उन्होंने कहा, “मेरा पीरियड 1 से 2 बजे का था। समय का ध्यान न रहने से 2:10 तक क्लास चली। तभी संचिता आईं और दरवाजा जोर से धक्का मारा। उनका व्यवहार रूखा था। मैंने आपत्ति जताई तो चैंबर का दरवाजा बंद करते हुए मेरा सिर चोटिल हो गया।”
दिव्या ने आगे आरोप लगाया कि संचिता ने गुस्से में मुक्का मारा। विभाग की दो अतिथि शिक्षिकाएं और छात्रों ने उन्हें बचाया। चोट लगने से वे यूनिवर्सिटी अस्पताल गईं, जहां से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। दिव्या बोलीं, “मैंने कोई जाति सूचक शब्द नहीं कहा। यह झूठा आरोप है। मैं भी जल्द शिकायत दर्ज कराऊंगी।” संचिता से संपर्क करने पर उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया।
छात्रों का बीच-बचाव
विभाग के छात्रों ने बताया कि विवाद तेजी से बढ़ा। एक छात्रा ने कहा, “हमने दोनों को अलग किया। लेकिन आवाजें इतनी तेज थीं कि पूरा डिपार्टमेंट इकट्ठा हो गया।” एक अतिथि शिक्षक ने पुष्टि की कि क्लास टाइमिंग को लेकर ही झगड़ा हुआ।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। लेकिन स्रोतों के अनुसार, कुलपति कार्यालय ने जांच समिति गठित करने पर विचार कर रहा है। सागर में यह पहला ऐसा मामला नहीं। पहले भी स्टाफ के बीच छोटे विवाद सुर्खियां बने हैं।
दोनों पक्षों के बयान लेंगे
थाना प्रभारी आनंद सिंह ने कहा, “संचिता की शिकायत पर केस दर्ज है। दिव्या के बयान भी रिकॉर्ड करेंगे। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाएंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि SC-ST एक्ट का इस्तेमाल गंभीर है। अगर साबित हुआ तो सजा कड़ी हो सकती है। संचिता मीणा आदिवासी समुदाय से हैं, जो विवाद को और संवेदनशील बनाता है।