MP Crime News : ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में बीजेपी के एक सक्रिय कार्यकर्ता मोनू बाथम की हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। 24 सितंबर की रात माता की झांकी के जागरण के दौरान बदमाशों ने उसके सिर में गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मात्र 24 घंटों में इस सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
आरोपी रोशन बाथम, भूरा बाथम, राहुल बाथम और पंकज बाथम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे अवैध शराब और देशी कट्टों का कारोबार था, जिसका मोनू लगातार विरोध कर रहा था, जिसकी वजह से उनका व्यापार चौपट हो गया था, इसलिए ये कौफनाकक कदम उठाया।
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हत्याकांड का खौफनाक मंजर
यह दर्दनाक वारदात ग्वालियर के लधेड़ी इलाके में माता की झांकी के पंडाल में घटी। रात के करीब 11 बजे जागरण चरम पर था। भजन-कीर्तन की धुनों के बीच मोनू बाथम अपने परिवार के साथ माता के दर्शन को पहुंचा। तभी पीछे से रोशन बाथम ने पिस्टल निकाली और मोनू के सिर में गोली दाग दी।
गोली की आवाज से पूरा पंडाल सन्नाटे में डूब गया। मोनू जमीन पर लुढ़क पड़ा और देखते ही देखते उसकी सांसें थम गईं। परिवार वाले चीखे-चिल्लाए, लेकिन तब तक चारों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे।
लोग कहते हैं कि भक्ति का पवित्र स्थान खून से सन गया, जो कभी सोचा भी न था। मोनू की उम्र महज 20 वर्ष थी। वह इलाके का एक होनहार युवक था, जो न केवल बीजेपी का सक्रिय कार्यकर्ता था।
42 दिन से रची जा रही थी हत्या की योजना
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पिछले 42 दिनों से मोनू की हत्या की साजिश रच रहे थे। रोशन बाथम और उसके साथी भूरा, राहुल व पंकज अवैध शराब और देशी कट्टों का कारोबार चला रहे थे।
मोनू इस धंधे का पुरजोर विरोधी था। वह बार-बार पुलिस में शिकायतें करता था, जिससे अपराधियों का कारोबार ठप हो गया था। रोशन ने पूछताछ में कबूला, “मोनू की रोज-रोज की शिकायतों से हम परेशान हो चुके थे। धंधा पूरी तरह चौपट हो गया। हमने ठान लिया था कि अब इसे चुप कराना ही पड़ेगा।”
मोनू ने अपनी आखिरी शिकायत 15 अगस्त 2025 को ग्वालियर के आईजी को दी थी। उसमें उसने लिखा था कि आरोपी अब घर की महिलाओं को भी कट्टे चलवाने पर मजबूर कर रहे हैं। इससे पहले भी वह थाने, एसएसपी तक शिकायतें पहुंचा चुका था।
इन शिकायतों के चलते पुलिस की छापेमारियां बढ़ गईं और अपराधियों का धंधा डेढ़ महीने से बंद पड़ा था। मोनू उनके लिए “गले की हड्डी” बन गया था। रोशन ने यह भी बताया कि मोनू लधेड़ी में ही माता की झांकी की स्थापना करता था, इसलिए उन्हें पता था कि वह जागरण में जरूर आएगा। उन्होंने उसी का फायदा उठाया।
सीसीटीवी फुटेज बनी क्लू
घटना की सूचना मिलते ही ग्वालियर पुलिस हरकत में आ गई। सीएसपी रोबिन जैन के नेतृत्व में टीम ने तुरंत घटनास्थल का मुआयना किया। सबसे बड़ा सुराग पास लगे सीसीटीवी फुटेज साबित हुआ। भागते हुए आरोपी कैमरे में कैद हो गए थे।
पुलिस ने फरार अपराधियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया। नतीजा यह हुआ कि मात्र 24 घंटों में चारों आरोपी धर दबोचे गए। हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली गई।
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया, “चारों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। हत्या की वजह बार-बार की गई शिकायतें ही बनीं। हमने सभी सबूत जुटा लिए हैं, और मामला आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज है।”
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चाचा ने लगाए पुलिस पर लापरवाही के आरोप
मोनू के चाचा सोनू बाथम ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “पिछले साल आरोपियों ने मुझे और मेरी पत्नी को गाड़ी रोककर धमकाया था। गाली-गलौज की, मारपीट की। हमने एफआईआर दर्ज कराई और 20 नवंबर 2024 को वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
परिवार का रोना देखकर गांव वाले भी आहत हैं। मोनू की मां का बुरा हाल है। वे कहती हैं, “मेरा लाल तो बस गलत को रोकना चाहता था। वह पार्षद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था, ताकि इलाके को सुधार सके।” मोनू की राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी हत्या का एक कारण बनी, क्योंकि अपराधी उसे आंख का तारा बनते नहीं देखना चाहते थे।