Rajgarh news : राजगढ़। राजगढ़ जिले में बोवनी का समय करीब आते ही खाद की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। पिछले 10 से 12 दिनों के भीतर ही डीएपी खाद के दामों में 450 रुपये प्रति कट्टा की बढ़ोतरी हो गई है। पहले जो खाद 1450 रुपये में मिल रही थी, अब वही 1900 रुपये में दी जा रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
खाद की कीमत में अचानक बढ़ोतरी
जानकारी के अनुसार, 10 जून के आसपास डीएपी (20-20-013) खाद किसानों को ई-टोकन के ज़रिये 1450 रुपये प्रति कट्टा उपलब्ध कराई जा रही थी। लेकिन 17 जून तक इसी खाद की कीमत बढ़कर 1900 रुपये प्रति कट्टा हो गई है। यानी कुछ ही दिनों में 450 रुपये की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
किसानों में नाराजगी, पहले कम में मिला था खाद
बरखेड़ा गांव निवासी पुरूषोत्तम साहू ने 5 जून को ई-टोकन के जरिए 8 कट्टे खाद बुक किए थे। उस समय उन्हें 1450 रुपये प्रति कट्टा के हिसाब से खाद दी गई थी। लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थिति बदल गई और किसानों को अब ज्यादा दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
17 जून को तलाईखेड़ा निवासी विजय शर्मा ने ई-टोकन के माध्यम से खाद बुक की। उन्हें वही 50 किलो का डीएपी कट्टा 1900 रुपये प्रति कट्टा के हिसाब से मिला। इसके साथ ही उन्होंने 4 कट्टे यूरिया भी लिए, जिसका मूल्य 266.50 रुपये प्रति कट्टा बताया गया है।
यूरिया 45 किलो का, इसलिए अलग रेट
जानकारी के मुताबिक, सोसायटियों में जो यूरिया दिया जा रहा है वह 45 किलो के कट्टे में है, जबकि सामान्यतः यह 50 किलो का होता है। इसी वजह से इसका दाम 266.50 रुपये प्रति कट्टा तय किया गया है।
खाद खत्म होने से कई दिनों तक बंद रही टोकन बुकिंग
फूलखेड़ी सोसायटी में पिछले चार दिनों तक ई-टोकन बुकिंग भी बंद रही। इसका कारण खाद का स्टॉक खत्म होना बताया गया। जैसे ही 17 जून को खाद का नया स्टॉक आया, टोकन बुकिंग शुरू हुई और उसी के साथ नई कीमत 1900 रुपये लागू कर दी गई।
कीलखेड़ा सोसायटी में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली। यहां किसान राधेश्याम से 1450 रुपये की जगह 1900 रुपये प्रति कट्टा वसूले गए। किसान की शिकायत पर पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी ने सहकारी बैंक अधिकारियों से बात कर समस्या के समाधान की मांग की।
खाद की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि बोवनी के समय इस तरह दाम बढ़ना खेती की लागत को और बढ़ा देगा और उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा।