Outsource Employees Protest : भोपाल | राजधानी भोपाल में ठेका श्रमिक, अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने नीलम पार्क के पास रैली निकालकर विरोध जताया और बाद में धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा घोषित 12,425 से 16,769 रुपए प्रतिमाह की न्यूनतम मजदूरी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की है कि न्यूनतम वेतन बढ़ाकर कम से कम 26 हजार रुपए प्रति माह किया जाए।
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सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे सांकेतिक सामूहिक आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। इससे आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
कई विभागों में कम वेतन का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई विभागों में न्यूनतम वेतन से भी कम भुगतान किया जा रहा है।
- स्कूलों, छात्रावासों और आयुष विभाग में 4-5 हजार रुपए
- ग्राम पंचायत कर्मियों को 3-4 हजार रुपए
- स्वास्थ्य विभाग में 7-8 हजार रुपए
- मनरेगा श्रमिकों को 2 हजार रुपए से भी कम
नियमितीकरण और स्थायी नौकरी की मांग
कर्मचारियों ने सरकार से नियमितीकरण, स्थायी रोजगार और न्यूनतम वेतन की गारंटी की मांग की है। उनका कहना है कि वे वर्षों से सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू कर रहे हैं, लेकिन खुद ही असुरक्षित भविष्य और कम वेतन से जूझ रहे हैं।
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“काम ज्यादा, पैसा कम” कर्मचारियों का दर्द
नर्मदापुरम से आए कर्मचारियों ने बताया कि उनसे कई तरह के सरकारी काम करवाए जाते हैं, लेकिन उसके अनुरूप भुगतान नहीं मिलता। कई मामलों में मानदेय बेहद कम है और समय पर भी नहीं दिया जाता।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार को कई बार ज्ञापन और आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।