Water Project MP : बैतूल | बैतूल जिले में मेढ़ा समूह जल एवं सिंचाई परियोजना की धीमी प्रगति पर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सख्त नाराजगी जताई है। गुरुवार को उन्होंने भैंसदेही जनपद के ग्राम मेढ़ा पहुंचकर डैम और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
दो शिफ्ट में काम कराने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों और ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मजदूर लगाए जाएं और जरूरत पड़ने पर दो शिफ्ट में काम कराया जाए। उन्होंने परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए हर महीने का लक्ष्य तय करने को भी कहा।
241 गांवों को मिलेगा पानी
मेढ़ा समूह जल योजना के जरिए जिले के 241 गांवों तक पेयजल पहुंचाया जाना है। यह योजना 618.1 करोड़ रुपए की चार बड़ी जल परियोजनाओं का हिस्सा है, जिनसे कुल 545 गांवों को लाभ मिलेगा।
धीमी गति के चलते ठेके निरस्त
परियोजना की धीमी रफ्तार के चलते पहले ठेके निरस्त कर रिटेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। जल शोधन संयंत्र, पाइपलाइन और घरेलू कनेक्शन जैसे कार्य समय पर शुरू नहीं हो पाए थे, जिससे प्रगति प्रभावित हुई।
निर्माण कार्यों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने 28 एमएलडी जल शोधन संयंत्र, 33.67 एमएलडी इंटेक वेल, पंप स्टेशन और पाइपलाइन निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उपकरणों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
वन विभाग की एनओसी पर जोर
पाइपलाइन का कुछ हिस्सा वन क्षेत्र से गुजरने के कारण एनओसी लंबित है। कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देश दिया कि सभी विभागों से समन्वय कर इस प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए।
डूब प्रभावितों के लिए शिविर
कलेक्टर ने डूब प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े मामलों के समाधान के लिए एसडीएम को तीन दिन के भीतर गांव में शिविर लगाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने साफ कहा कि अब इस परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और वे स्वयं हर महीने प्रगति की समीक्षा करेंगे, ताकि काम में किसी तरह की लापरवाही न हो।