MP Cabinet Decision : भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में कुल 21 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा।
53 हजार करोड़ की योजनाएं 2031 तक जारी
कैबिनेट ने करीब 53 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न योजनाओं को वर्ष 2031 तक जारी रखने का फैसला लिया है। इन योजनाओं को आगे बढ़ाने से राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और सामाजिक क्षेत्रों में निरंतर विकास सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
PWD की 26,311 करोड़ की परियोजनाओं को हरी झंडी
लोक निर्माण विभाग (PWD) की करीब 26,311 करोड़ रुपए की पांच प्रमुख परियोजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसमें सड़क निर्माण, मरम्मत, भवन निर्माण और अन्य अधोसंरचना कार्य शामिल हैं।
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सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ावा
शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से उज्जैन और शाजापुर जिले में करीब 9 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
धान के ई-ऑक्शन और वन विभाग में नया पद
कैबिनेट में खरीफ 2020 की धान मिलिंग के बाद बची 7.73 लाख मीट्रिक टन धान के ई-ऑक्शन को भी मंजूरी दी गई। साथ ही भारतीय वन सेवा के अंतर्गत प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के एक नए पद के सृजन को भी स्वीकृति मिली है।
विधेयक वापस लेने का फैसला
बैठक में “मध्य प्रदेश आतंकवादी एवं उच्छेदक गतिविधियां और संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2010” को वापस लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को भी बढ़ावा
भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी सीट बढ़ाने के लिए 80 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई। वहीं रीवा के श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए 174 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।
कर्मचारियों और योजनाओं से जुड़े फैसले
कैबिनेट ने कोर्ट के आदेश के अनुसार कर्मचारियों को पेंशन और वेतनमान देने, साथ ही 16वें वित्त आयोग के तहत विभिन्न योजनाओं को जारी रखने पर सहमति दी। इसके अलावा ओबीसी छात्रों के लिए दिल्ली में छात्रावास योजना जारी रखने और आंगनवाड़ी भवनों में बिजली व्यवस्था के लिए भी मंजूरी दी गई।
वंदे मातरम के साथ हुई बैठक की शुरुआत
कैबिनेट बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के गान के साथ हुई। बैठक में लिए गए फैसलों को राज्य के विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।