Corruption Case MP : नर्मदापुरम। नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में रिश्वत की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। बुधवार शाम अधिकारियों की टीम शोभापुर स्थित श्रीनाथ वेयरहाउस पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
3 घंटे तक चली जांच, लिए गए गेहूं के सैंपल
शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक चली जांच में नागरिक आपूर्ति निगम (नॉन) और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के सैंपल लिए। जांच के दौरान वेयरहाउस संचालक के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
14 महीने से नहीं उठाया गया 7 हजार क्विंटल गेहूं
शिकायतकर्ता मोहन पालीवाल ने बताया कि उनके वेयरहाउस में करीब 7 हजार क्विंटल गेहूं पिछले 14 महीनों से रखा हुआ है। इसके बावजूद विभाग द्वारा उठाव नहीं किया गया, जबकि 125 मीट्रिक टन गेहूं उठाने के आदेश पहले ही जारी हो चुके थे।
पैसे न देने पर गेहूं न उठाने का आरोप
पालीवाल ने आरोप लगाया कि पिपरिया शाखा प्रभारी आयुष अवधिया और सर्वेयर भरत कुमार ने गेहूं उठाने के बदले रिश्वत मांगी। मांग पूरी नहीं होने पर जानबूझकर गेहूं का उठाव नहीं किया गया।
जांच रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
अधिकारियों ने बताया कि सैंपल जांच की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर गुरुवार को निर्णय लिया जाएगा कि वेयरहाउस में रखा गेहूं उठाने योग्य है या नहीं।
शाखा प्रभारी का तबादला, विभाग की कार्रवाई
रिश्वत के आरोप सामने आने के बाद पिपरिया शाखा प्रभारी आयुष अवधिया को हटा दिया गया है और उनका तबादला सेमरी हरचंद कर दिया गया है। उनकी जगह अंकित साहू को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।