हाइलाइट्स
- सतपुड़ा से बांधवगढ़ के लिए 5 बायसन रवाना।
- STR से 1 नर और 4 मादा बायसन पकड़े गए
- सतपुड़ा-बांधवगढ़ बायसन ट्रांसलोकेशन।
MP STR Operation Bison : नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) में गुरुवार से ऑपरेशन बायसन शुरू हो गया। एसटीआर और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII), देहरादून की संयुक्त टीम ने पहले ही दिन चूरना और बोरी-चूर्णा वन क्षेत्र से कुल 5 बायसन (1 नर और 4 मादा) को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। इन बायसन को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ट्रांसलोकेट (स्थानांतरित) किया जा रहा है।
वन्यजीव चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
ट्रांसलोकेशन की पूरी प्रक्रिया अत्यंत सतर्कता से की गई। टीम ने बायसन को ट्रेंकुलाइज (बेहोश करने वाली डार्ट) के जरिए बेहोश किया। मौके पर ही वन्यजीव चिकित्सकों ने उनका पूरा स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें ब्लड सैंपल, वजन, उम्र और अन्य जांचें शामिल थीं। सभी जांचें सामान्य पाई गईं।
बायसन को हवादार बक्सों में रखा
पकड़े गए बायसन को विशेष स्ट्रेचर पर लिटाया गया। आधा दर्जन से ज्यादा वनकर्मियों की टीम ने स्ट्रेचर को कंधों पर उठाकर सुरक्षित रूप से हाईटेक ट्रांसपोर्ट वाहन तक पहुंचाया। बायसन को हवादार और सुरक्षित बक्सों में रखा गया। वाहनों में वन्यजीव चिकित्सक और फॉरेस्ट गार्ड की टीम भी साथ रवाना हुई।
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GPS से मिनट-टू-मिनट मॉनिटरिंग
रात करीब 8 बजे ये विशेष वाहन भौंरा क्षेत्र से गुजरे। पूरी शिफ्टिंग प्रक्रिया की जीपीएस के जरिए मिनट-टू-मिनट मॉनिटरिंग की जा रही है। सतपुड़ा से बांधवगढ़ तक की दूरी लगभग 394 किलोमीटर है। तय रूट चार्ट के अनुसार हर 50 से 60 किलोमीटर पर वाहनों को रोका जाएगा।
हर पड़ाव पर चिकित्सक दल बायसन की स्वास्थ्य जांच करेगा। उनके चारे, पानी और आराम की विशेष व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए टीम तैयार है।
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बांधवगढ़ में बायसन की संख्या कम
यह ऑपरेशन बायसन की आबादी को बढ़ाने और विभिन्न टाइगर रिजर्व में उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करने का हिस्सा है। सतपुड़ा में बायसन की संख्या अच्छी है, जबकि बांधवगढ़ में उनकी संख्या कम होने के कारण यह ट्रांसलोकेशन किया जा रहा है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से की जा रही है। बायसन के नए क्षेत्र में पहुंचने के बाद भी उनकी निगरानी जारी रहेगी।