MP News : राजगढ़। खिलचीपुर नगर परिषद में एक बार फिर कर्मचारियों की छंटनी का दौर शुरू होने वाला है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ज्योति सुनहरे ने वर्ष 2016 के बाद नियुक्त किए गए 16 कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया है।
इन 16 कर्मचारियों में सबसे ज्यादा 9 सफाई कर्मचारी हैं। इसके अलावा 2 कर्मचारी पाइपलाइन मरम्मत और गड्ढा खुदाई के काम में, 1 कर्मचारी कंप्यूटर संचालन में और 2 कर्मचारी मृत मवेशियों को उठाने के काम में लगे हुए हैं।
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि पहले ही दो चरणों में 57 कर्मचारियों को हटा दिया गया था। अब 16 और हटने से कुल 73 कर्मचारी बाहर हो जाएंगे। इतने बड़े स्तर पर छंटनी से शहर की मूलभूत सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी।
सफाई व्यवस्था पहले से ही कमजोर चल रही है, अब और बिगड़ने की आशंका है। मृत पशुओं को समय पर नहीं उठाया जा सकेगा, पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत में देरी होगी और नगर परिषद के कंप्यूटर से जुड़े काम भी ठप पड़ सकते हैं।
नगर के रहवासी और व्यापारी परेशान हैं। उनका कहना है कि स्टाफ पहले से ही आधे से कम रह गया है। अब और कर्मचारी चले गए तो शहर गंदगी और बदइंतजामी की चपेट में आ जाएगा। कई लोगों ने मांग की है कि कर्मचारियों को हटाने से पहले शहर की जरूरतों और सेवाओं पर होने वाले असर का गंभीरता से आकलन किया जाए।
हालांकि अभी प्रस्ताव पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन नगर परिषद के अंदर और बाहर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। प्रभावित कर्मचारी भी चिंतित हैं और वे अपनी नौकरी बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।