Bhopal News : भोपाल, मध्य प्रदेश। क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को विजय शंकर मिश्रा नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसने खुद को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का साला बताया और एक किसान से उसके रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये ठग लिए।
मुरैना जिले के शिकायतकर्ता राजकुमार सिंह ने कहा कि मिश्रा ने उनके परिवार के कुछ युवाओं को चुनाव आयोग और महिला एवं बाल विकास विभाग में नौकरी दिलाने का वादा किया था।
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सिंह ने दावा किया कि फरवरी 2024 में वल्लभ भवन के बाहर एक परिचित के माध्यम से उनकी मिश्रा से मुलाकात हुई थी। मिश्रा ने खुद को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) का एक वरिष्ठ अधिकारी बताया और कुछ ही महीनों में राजकुमार के साथ उनके घनिष्ठ संबंध बन गए।
इसके बाद मिश्रा ने राजकुमार को यकीन दिलाया कि एक “गोपनीय भर्ती अभियान” चल रहा है और उसके परिवार के सात युवकों को नौकरी दिलाने में मदद की पेशकश की। 18 महीनों में राजकुमार ने ऑनलाइन लेनदेन के ज़रिए 11 लाख रुपये ट्रांसफर किए और बाद में भोपाल में मिश्रा को 8.3 लाख रुपये नकद दिए।
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मिश्रा ने उसे चुनाव आयोग और महिला एवं बाल विकास विभाग के कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र दिए। जब राजकुमार ने दस्तावेजों की जाँच की, तो वे जाली निकले।
अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होने पर, राजकुमार ने पुलिस से संपर्क किया। क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कोलार इलाके में रहने वाले विजय शंकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस कथित साथियों शनि त्रिपाठी, सूरज मिश्रा और जगदीश चौरसिया की भी जाँच कर रही है, जिन्होंने खुद को वल्लभ भवन का कर्मचारी बताया था।