Bhopal Entry Points Entrance Gates MP News : नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सभी नौ एंट्री पॉइंट्स पर भव्य प्रवेश द्वार बनाने की योजना अब गति पकड़ रही है। मई 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भूमिपूजन के बाद नर्मदापुरम रोड के समरधा जोड़ पर पहला प्रवेश द्वार, भोज-नर्मदा प्रवेश द्वार, बनाने का डिजाइन और स्थान फाइनल हो गया है।
नगर निगम भोपाल रेड स्टोन से निर्मित इस गेट का निर्माण मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) की NOC मिलते ही शुरू करेगा। लागत करीब 5 करोड़ रुपये होगी और निर्माण में 6 महीने लगेंगे।
यह गेट राजा भोज, श्रीराम, राजा विक्रमादित्य और सम्राट अशोक जैसे महापुरुषों के नाम पर बनने वाले प्रवेश द्वारों की श्रृंखला का हिस्सा है, जो मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएगा।
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समरधा जोड़ पर भोज-नर्मदा प्रवेश द्वार
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री प्रमोद मालवीय ने बताया कि नर्मदापुरम रोड पर समरधा जोड़ के पास भोपाल का पहला प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इसका नाम भोज-नर्मदा प्रवेश द्वार होगा, जो राजा भोज की स्मृति को समर्पित है। गेट रेड स्टोन से बनेगा, जो इसकी सुंदरता बढ़ाएगा।
डिजाइन फाइनल हो चुका है और MPRDC से NOC के लिए शुक्रवार (3 अक्टूबर 2025) को मुआयना किया गया। संभावना है कि 2-3 दिनों में NOC मिल जाएगी, जिसके बाद अगले सप्ताह से निर्माण शुरू होगा।
मालवीय ने कहा, “लगभग 6 मीटर एरिया छोड़कर गेट बनाया जाएगा। इसमें ब्यूटिफिकेशन भी होगा। निर्माण एजेंसी को 6 महीने की समयसीमा दी गई है।” गेट की लागत 5 करोड़ रुपये अनुमानित है।
भोपाल के सभी एंट्री गेट्स पर भव्य द्वार
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि भोपाल के नौ एंट्री पॉइंट्स पर प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जो मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विभूतियों और भगवानों को समर्पित होंगे। इनमें श्रीराम, राजा भोज, राजा विक्रमादित्य और सम्राट अशोक के नाम शामिल हैं।
पहला गेट समरधा जोड़ पर बनेगा, जबकि दूसरा इंदौर रोड पर प्रस्तावित है। बाकी सात गेट्स के लिए स्थान चयन प्रक्रिया जारी है। यह योजना 2024 के नगर निगम बजट में स्वीकृत हुई थी।
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बारिश ने रोका काम
मालवीय ने बताया कि मई 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूमिपूजन किया था, और जून में निर्माण शुरू होना था। लेकिन बरसात के कारण देरी हुई।
अब MPRDC की NOC के बाद काम तेज होगा। नर्मदापुरम रोड MPRDC के अधीन है, इसलिए NOC अनिवार्य है। अधिकारियों ने कहा, “शहर की सौंदर्यीकरण योजना में यह गेट मील का पत्थर होंगे।”