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Bhopal News : MP के बाघों की नई टेरिटरी होगी उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में, CM मोहन यादव का एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम

MP tigers new territories in Odisha, Rajasthan and CG

MP Tigers New Territories in Odisha, Rajasthan and CG : भोपाल। मध्य प्रदेश, भारत का ‘टाइगर स्टेट’, अपनी बाघों की समृद्धि को अब ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के साथ साझा करेगा। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने इसकी मंजूरी दी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार (26 सितंबर 2025) को वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक में सहमति जताई।

एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत बांधवगढ़, पेंच और कान्हा टाइगर रिजर्व से 14 बाघ (3 जोड़े) इन राज्यों को भेजे जाएंगे। बदले में, मध्य प्रदेश अन्य वन्यजीव जैसे असम से एक सींग वाला गैंडा लेने की योजना बना रहा है। CM ने नए टाइगर रिजर्व और वन्य विविधता की ब्रांडिंग पर भी जोर दिया। यह कदम बाघ संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देगा।

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बैठक में निम्नलिखित बाघ वितरण पर सहमति बनी:

राजस्थान: 4 बाघ (रंथंभौर टाइगर रिजर्व)
ओडिशा: 2 बाघ (सतकोसिया टाइगर रिजर्व)
छत्तीसगढ़: 8 बाघ (इंद्रावती और अबूझमाड़ टाइगर रिजर्व)

ये बाघ बांधवगढ़, पेंच और कान्हा से चुने जाएंगे। NTCA के दिशानिर्देशों के तहत पशु चिकित्सक की निगरानी में स्थानांतरण होगा। मध्य प्रदेश में 785 बाघ (2022 टाइगर सेंसस) हैं, जो देश के 3,800 बाघों का 20% है। CM ने कहा, “बाघों की बढ़ती आबादी से टेरिटरी विवाद हो रहे। एक्सचेंज प्रोग्राम संरक्षण को मजबूत करेगा।”

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वन्यप्राणी बोर्ड के सदस्य डॉ. आलोक कुमार ने प्रस्ताव दिया कि पन्ना और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर जोन में एक नया कंजर्वेशन रिजर्व बनाया जाए। साथ ही, कान्हा-बांधवगढ़ के परिक्षेत्र में बालाघाट के सोनेवानी फॉरेस्ट रेंज को शामिल कर पृथक रिजर्व बनाया जाए। CM ने इसे “वाइल्डलाइफ संरक्षण में बड़ा कदम” बताया। इसके अलावा, नदियों में मगरमच्छ, कछुआ, घड़ियाल और डॉल्फिन जैसे जलीय जीव छोड़ने के निर्देश दिए गए।

डिस्कवरी और फिल्म डिवीजन से सहयोग

CM यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश की फ्लोरल और फॉनल डायवर्सिटी को विश्व स्तर पर प्रचारित करें।” इसके लिए भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी चैनल के साथ शॉर्ट फिल्म्स, डॉक्यूमेंट्री और प्रोमो बनाए जाएं। बाघ, तेंदुआ, चीतल और जंगल की सहज दृश्यता का प्रचार हो। इसका उदेश्य पर्यटन बढ़ाना और MP को वैश्विक वन्यजीव गंतव्य बनाना है।

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बैठक में CM ने निम्नलिखित प्रस्तावों को मंजूरी दी:

सतपुड़ा-मेलघाट कॉरिडोर (खंडवा-बैतूल): 17.148 हेक्टेयर वन भूमि NHAI को।
सिंघोरी अभयारण्य (रायसेन): देहगांव-बम्होरी मार्ग के लिए 0.85 हेक्टेयर वन भूमि।
रातापानी टाइगर रिजर्व (पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर): बफर जोन की 1.575 हेक्टेयर भूमि PWD रायसेन को।

मध्य प्रदेश का संरक्षण मॉडल

मध्य प्रदेश में 6 टाइगर रिजर्व हैं: कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना, पेंच, सतपुड़ा, संजय-दुबरी। हाल ही में रतापानी और माधव को मंजूरी मिली। 2018 में ओडिशा को 2 बाघ भेजे गए। 2024 में गुजरात को 2 बाघ दिए, बदले में शेर मिले। यह प्रोग्राम बाघों की आबादी को संतुलित रखता है। CM ने असम से एक सींग वाला गैंडा मांगा। नदियों में मगरमच्छ, कछुआ, घड़ियाल और डॉल्फिन छोड़ने की योजना। डॉ. आलोक ने कहा, “यह जैव विविधता को समृद्ध करेगा।”

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