Satpura Tiger Reserve : नर्मदापुरम। नर्मदापुरम के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है। पूर्व पचमढ़ी के दुर्गम पहाड़ी इलाके में एक बाघ का कंकाल मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। यह क्षेत्र दो पहाड़ियों के बीच गहरी खाई वाला है, जहां आमतौर पर आवाजाही नहीं होती।
उदबिलाव सर्वे के दौरान हुआ खुलासा
जानकारी के अनुसार, जंगल में इन दिनों उदबिलाव (ओटर) का सर्वे चल रहा है, जिसे वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) और टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम द्वारा किया जा रहा है। शुक्रवार रात सर्वे टीम जब पूर्व पचमढ़ी के क्षेत्र में पहुंची, तभी उन्हें बाघ का कंकाल दिखाई दिया।
अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा, सहायक संचालक संजीव शर्मा, रेंजर और अन्य वनकर्मी तुरंत मौके के लिए रवाना हो गए। अधिकारियों का कहना है कि बाघ की मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
शिकार की आशंका से बढ़ी चिंता
जिस स्थान पर कंकाल मिला है, उसे देखते हुए शिकार (पोचिंग) की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वन विभाग अभी हर पहलू से जांच कर रहा है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि पिछले महीने छिंदवाड़ा जिले के सांगाखेड़ा रेंज में अफीम की खेती के लिए एक बाघ को मारकर दफना दिया गया था। वह बाघ भी एसटीआर क्षेत्र से जुड़ा हुआ था और उसमें कॉलर आईडी लगी थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है और वन विभाग आगे क्या कदम उठाता है।