Fake Milk Issue : राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ से एक बड़ा और चिंताजनक बयान सामने आया है, जहां सांसद ने खानपान में मिलावट और रसायनों के बढ़ते उपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि उनकी ही कॉलोनी में पिछले चार वर्षों के भीतर 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हो चुका है।
“मेरी कॉलोनी में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर”
सांसद ने अपने संबोधन में कहा कि वे पचोर में रहते हैं और उनकी कॉलोनी में पिछले चार साल में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हुआ है। उन्होंने इसे बेहद भयावह स्थिति बताते हुए कहा कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण मिलावटी और जहरीला खानपान है।
नकली दूध पर उठाए सवाल
सांसद ने गांवों में बन रहे नकली दूध के कारोबार पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग लालच में नकली दूध बनाकर बेच रहे हैं, जिससे न केवल लोगों की सेहत खराब हो रही है, बल्कि ईमानदार पशुपालकों को भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने जनता से अपील की कि अगर कहीं नकली दूध बनाया जा रहा हो, तो इसकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा सके।
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सब्जियों और अनाज में मिलावट का मुद्दा
सांसद ने कहा कि आज स्थिति यह है कि लौकी जैसी साधारण और पौष्टिक सब्जी में भी इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मूंग दाल, जो कभी सबसे ज्यादा पौष्टिक मानी जाती थी, अब मिलावट के कारण जहरीली होती जा रही है।
खेती में रसायनों के बढ़ते उपयोग पर चिंता
खेती में बढ़ते रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को लेकर भी सांसद ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादन बढ़ाने की होड़ में जरूरत से ज्यादा यूरिया और अन्य रसायनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जमीन की उर्वरता खत्म हो रही है।
“पंजाब 50 साल में बर्बाद हुआ, हम 10 साल में हो जाएंगे”
सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह पंजाब की जमीन धीरे-धीरे बर्बाद हुई, उसी तरह अगर रसायनों का उपयोग नहीं रोका गया, तो हमारी जमीन 10 साल में ही बर्बाद हो सकती है। इससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।
इस दौरान कार्यक्रम में विधायक अमर सिंह यादव और मोहनपुरा कुंडालिया सिंचाई परियोजना के प्रशासक विकास राजोरिया भी मौजूद रहे। सांसद का यह बयान न केवल स्वास्थ्य बल्कि कृषि व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि या वैज्ञानिक जांच जरूरी मानी जा रही है।