Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस बैंड भर्ती को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। भर्ती प्रक्रिया में महिला अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किए जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस बैंड भर्ती प्रक्रिया को लेकर यह सवाल उठ रहा है कि इसमें महिलाओं को शामिल क्यों नहीं किया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह फैसला महिलाओं के साथ भेदभाव को दर्शाता है और उन्हें समान अवसर से वंचित करता है।
कांग्रेस का कहना है कि आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी निभा रही हैं—चाहे वह सेना हो, पुलिस हो या अन्य सेवाएं। ऐसे में पुलिस बैंड जैसी भर्ती प्रक्रिया से उन्हें बाहर रखना गलत संदेश देता है।
तमिलनाडु चुनाव 2026: थलापति विजय का ‘विजय’ असर, स्टारडम और फैन पावर से TVK सत्ता के करीब
सरकार पर ‘महिला विरोधी’ होने का आरोप
कांग्रेस ने सीधे तौर पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह निर्णय सरकार की महिला विरोधी सोच को उजागर करता है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और महिलाओं को भी बराबरी का अवसर देना चाहिए।
कांग्रेस ने अपने शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व में सरकार ने पुलिस बैंड में महिलाओं की भर्ती का रास्ता खोला था। उस समय महिलाओं को इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दिया गया था।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस अब खुलकर सरकार को घेर रही है और इसे महिला अधिकारों से जोड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी भर्तियों में लैंगिक समानता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से न केवल अवसरों में समानता आएगी, बल्कि संस्थानों की कार्यक्षमता और विविधता भी बढ़ेगी। फिलहाल इस पूरे मामले पर राज्य सरकार या पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।