Raisen News : रायसेन। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी 7 मई को प्रदेशव्यापी आंदोलन करने जा रही है। इस दौरान विभिन्न जिलों में हाईवे जाम (चक्काजाम) कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। रायसेन जिले से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल होंगे।
रायसेन जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक देवेंद्र पटेल ने जानकारी दी कि जिले से लगभग 500 कार्यकर्ता शाजापुर पहुंचकर प्रदर्शन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसानों के हक की लड़ाई है।
उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं पर सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य समस्याएं इस प्रकार बताई गईं:
- तुलाई में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार
- भुगतान में देरी
- टोकन सिस्टम की अव्यवस्था
- दलालों और बिचौलियों का दखल
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इन समस्याओं के कारण किसान शोषण का शिकार हो रहे हैं।
MSP और भुगतान को लेकर आरोप
कांग्रेस ने दावा किया कि घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और वास्तविक भुगतान में बड़ा अंतर है।
पार्टी के मुताबिक:
- 2700 रुपये प्रति क्विंटल के वादे के बावजूद बोली 2300 रुपये से शुरू हो रही है
- गेहूं और सोयाबीन का भुगतान समय पर नहीं हो रहा
इससे किसान आर्थिक संकट और कर्ज के जाल में फंसते जा रहे हैं। प्रेस वार्ता में नरवाई (पराली) प्रबंधन को लेकर भी सरकार की आलोचना की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सैटेलाइट निगरानी और सीधे केस दर्ज करने से किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं:
- भावांतर योजना की पूरी राशि का भुगतान
- समर्थन मूल्य पर गारंटीड खरीद
- 7 दिन के भीतर भुगतान की कानूनी गारंटी
- उपार्जन केंद्रों की संख्या और क्षमता में वृद्धि
- खाद, बीज और जूट बैग की पर्याप्त उपलब्धता
- नरवाई नियमों में सुधार
विधायक देवेंद्र पटेल ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र हो सकता है। उन्होंने इसे किसानों के अधिकारों की लड़ाई बताया। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, प्रवक्ता जावेद अहमद और कांग्रेस नेता जीसी गौतम सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।