CM Mohan Yadav : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन चलाने वाले लाखों लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम कर रही है। इसी दिशा में ई-श्रम पोर्टल एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आया है। इसके जरिए श्रमिकों का नाम दर्ज किया जा रहा है, ताकि उन्हें जरूरत के समय सरकारी मदद और विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
सरकार का फोकस निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों, खेतों में काम करने वाले श्रमिकों, घरेलू कामगारों, रेहड़ी-पटरी लगाने वालों और दूसरे मेहनतकश लोगों पर है। ई-श्रम पोर्टल पर नाम दर्ज होने से उनकी जानकारी सरकार तक पहुंचती है, जिससे उन्हें समय पर योजनाओं का लाभ देने में आसानी होती है।
मध्य प्रदेश में 1.94 करोड़ से ज्यादा श्रमिक जुड़े
ई-श्रम पोर्टल पर मध्य प्रदेश के 1.94 करोड़ से अधिक श्रमिकों का नाम दर्ज हो चुका है। इससे बड़ी संख्या में मजदूर और कामगार सरकारी योजनाओं की पहुंच में आए हैं। सरकार का मानना है कि श्रमिकों का रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से उन्हें सरकारी सहायता और सुविधाओं का लाभ पहले की तुलना में अधिक आसानी से मिल सकेगा।
देशभर में 31.64 करोड़ से ज्यादा श्रमिकों का नाम दर्ज
ई-श्रम पोर्टल पर पूरे देश में 31.64 करोड़ से अधिक श्रमिकों का नाम दर्ज किया जा चुका है। यह पोर्टल मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों की जानकारी एक जगह उपलब्ध कराने का काम करता है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।
श्रमिकों की सुरक्षा और मदद पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि प्रदेश के विकास में श्रमिकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि हर श्रमिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और जरूरत के समय उसे आर्थिक मदद और सुरक्षा मिल सके।
इसी उद्देश्य से प्रदेश में श्रमिकों का नाम दर्ज करने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। सरकार उन्हें बीमा, आर्थिक सहायता और दूसरी सरकारी सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रही है।
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तकनीक से आसान हो रहा योजनाओं का लाभ
ई-श्रम पोर्टल के जरिए श्रमिकों की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो रही है। इससे सही लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना आसान हो रहा है और सरकारी सहायता भी तेजी से दी जा सकती है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि तकनीक का बेहतर इस्तेमाल और ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ने से सरकारी योजनाओं का लाभ और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा। इसका सीधा फायदा लाखों श्रमिक परिवारों को मिलेगा और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।