Twisha Sharma Update : भोपाल। भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिवाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। यानी गिरफ्तारी से पहले मिली राहत अब खत्म हो गई है।
बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात हाईकोर्ट ने 17 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया। कोर्ट ने कहा कि मामले को देखते हुए आरोपी को राहत देना सही नहीं था।
शरीर पर मिले 7 घावों का कोर्ट ने किया जिक्र
मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ट्विशा शर्मा के शरीर पर मिले 7 घावों का खास तौर पर जिक्र किया है। कोर्ट ने माना कि ये चोटें मौत से पहले लगी थीं। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि सुसाइड के बाद इस तरह के घाव होना संभव नहीं माना जा सकता।
कोर्ट ने जताई मारपीट और क्रूरता की आशंका
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शुरुआती तौर पर माना कि ट्विशा शर्मा के साथ गलत व्यवहार और मारपीट होने की आशंका है। कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद मामले को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और केस डायरी में सामने आए तथ्यों को देखते हुए अदालत ने इसे सामान्य आत्महत्या का मामला मानने से इनकार कर दिया।
Vidisha News : बेटे की मौत के बाद 5 दिन तक शव के पास बैठी रही मां, बाइबिल रखकर करती रही प्रार्थना
निचली अदालत के फैसले पर भी उठे सवाल
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि निचली अदालत ने जल्दबाजी में गिरिवाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी। जबकि उस समय मामले की जांच पूरी नहीं हुई थी।
कोर्ट के सामने यह बात भी रखी गई कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही अग्रिम जमानत की अर्जी लगा दी गई थी। ऐसे में आरोपी को राहत देना उचित नहीं था।
अब जांच पर सबकी नजर
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। कानूनी जानकारों का मानना है कि कोर्ट की टिप्पणी आगे की जांच में अहम साबित हो सकती है।
वहीं, ट्विशा शर्मा मौत मामला पिछले कई दिनों से लगातार चर्चा में बना हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक इस केस को लेकर बहस जारी है।
Sehore News : इछावर बस स्टैंड पर बेल्ट-चेन से मारपीट का वीडियो वायरल, यात्रियों में दहशत