Bhopal Drug Racket : भोपाल ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़, तीन लेयर में चल रहा था नेटवर्क, 10 गिरफ्तार

Bhopal Drug Racket : भोपाल। गांधीनगर क्षेत्र में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नशीले कफ सिरप के बड़े और संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में मास्टरमाइंड अकील खान समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 3 नाबालिग भी शामिल हैं। वहीं मकान उपलब्ध कराने वाले आकाश भाटिया की भूमिका भी जांच के दायरे में है। CM Mohan Yadav: सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा फैसला, मध्यप्रदेश में बनेंगी 5 हजार क्षमता वाली गौशालाएं STF के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहा था और इसे तीन अलग-अलग लेयर में बांटकर काम किया जा रहा था, ताकि पुलिस और प्रशासन की नजर से बचा जा सके। सिटी कॉलोनी बना सप्लाई और लोडिंग हब गांधीनगर स्थित डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी और मुबारकपुर इलाके को इस अवैध कारोबार का मुख्य सप्लाई और लोडिंग हब बनाया गया था। यहीं से भोपाल शहर के अलग-अलग इलाकों के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी नशीले कफ सिरप की सप्लाई की जाती थी। STF के DIG राहुल लोढ़ा के मुताबिक, मास्टरमाइंड अकील खान पूरे नेटवर्क की लोडिंग, ट्रांसपोर्ट और सप्लाई को खुद मैनेज करता था और पूरे अवैध कारोबार पर उसका पूरा नियंत्रण था। Dindori Water Conservation : “दो महीनों में बदली तस्वीर, डिंडौरी ने रचा जल संरक्षण का नया इतिहास”, देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा जिला छापेमारी में 1.5 करोड़ की खेप बरामद गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात STF ने एक मकान पर छापा मारा, जहां से करीब 50 हजार बोतल नशीला कफ सिरप बरामद किया गया। जब्त की गई इस खेप की अनुमानित कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बरामद सिरप के सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया है, जहां इसकी गुणवत्ता और सामग्री की जांच की जाएगी। तीन लेयर में बंटा था पूरा नेटवर्क जांच में सामने आया है कि यह पूरा अवैध कारोबार तीन अलग-अलग लेयर में काम कर रहा था। पहली लेयर में मुख्य आरोपी अकील खान और उसके साथी शामिल थे, जो सप्लाई और लोडिंग की जिम्मेदारी संभालते थे और माल को अलग-अलग जगह पहुंचाते थे। Twisha Sharma Case: CBI रिमांड पर पूर्व जज गिरिबाला सिंह, फैज कुरैशी हत्याकांड का पुराना फैसला फिर चर्चा में दूसरी लेयर में स्टॉक मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग का काम किया जाता था। यह टीम लगातार लोकेशन बदलकर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश करती थी। तीसरी लेयर में स्थानीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूशन और छोटी सप्लाई चेन को मैनेज किया जाता था, ताकि माल आसानी से भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में खपाया जा सके। नाबालिगों से कराई जाती थी पैकेजिंग STF की जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे अवैध नेटवर्क में नाबालिगों का इस्तेमाल किया जा रहा था। तीन बच्चों से कफ सिरप की पैकेजिंग, रैपर बदलने और माल को व्यवस्थित करने जैसे काम कराए जाते थे। आरोपियों द्वारा असली रैपर हटाकर पहचान छिपाने के लिए नए रैपर लगाए जाते थे, जिसके बाद इसे बाजार में सप्लाई किया जाता था। MP Industrial Hub : CM मोहन यादव का बड़ा विजन, 48 औद्योगिक पार्क से बदलेगी मध्यप्रदेश की तस्वीर अलग-अलग इलाकों में होती थी सप्लाई यह नेटवर्क कफ सिरप को भोपाल शहर के अलग-अलग हिस्सों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई करता था। इसके लिए लोडिंग वाहनों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे माल को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जा सके। STF का कहना है कि यह लंबे समय से चल रहा एक संगठित अवैध कारोबार था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर STF की टीम मुबारकपुर इलाके में लगातार सर्चिंग कर रही है। वहां और भी बड़े स्टॉक और अहम सबूत मिलने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में दो आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए STF ने दो विशेष टीमें गठित की हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए भी उनकी तलाश की जा रही है। Bhopal NSUI Protest: NEET पेपर लीक को लेकर भोपाल में NSUI का बड़ा प्रदर्शन आज, सीएम हाउस घेराव की तैयारी मकान मालिक भी जांच के घेरे में जिस मकान से भारी मात्रा में कफ सिरप बरामद हुआ है, उसके मालिक से भी पूछताछ की जाएगी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मकान किराए पर देने से पहले उचित वेरिफिकेशन नहीं किया गया था, जिसकी भी जांच की जा रही है। STF की कार्रवाई में अब तक बड़ा खुलासा * सिटी कॉलोनी से 50 हजार बोतल कफ सिरप बरामद * अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये * 10 आरोपी गिरफ्तार, जिनमें 3 नाबालिग शामिल * नेटवर्क तीन लेयर में संचालित था * रैपर बदलकर पहचान छिपाई जाती थी * मुबारकपुर में सर्च ऑपरेशन जारी * 2 आरोपी अभी फरार * पूरी सप्लाई चेन की जांच जारी MP Weather Update : नौतपा में बदला मौसम का रंग, कहीं तपिश से बेहाल लोग, तो कहीं आंधी-बारिश ने दी राहत; 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
CM Mohan Yadav: सीएम डॉ. मोहन यादव का बड़ा फैसला, मध्यप्रदेश में बनेंगी 5 हजार क्षमता वाली गौशालाएं

CM Mohan Yadav: भोपाल। सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने पशुपालन, डेयरी और गौसंवर्धन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाना, पशुपालकों की आय में सुधार लाना और गौशालाएं को आत्मनिर्भर करना है। इसके लिए नई गौशाला नीति लागू की गई है और कई नई परियोजनाओं पर काम शुरू किया जा रहा है। Dindori Water Conservation : “दो महीनों में बदली तस्वीर, डिंडौरी ने रचा जल संरक्षण का नया इतिहास”, देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा जिला 5 हजार क्षमता वाली गौशालाएं बनेंगी नई नीति के अनुसार प्रदेश में ऐसी बड़ी गौशालाएं विकसित की जाएंगी, जहां एक साथ 5 हजार तक गौवंश की देखभाल की जा सके। और इन गौशालाओं में पशुओं के लिए चारा, पानी, स्वास्थ्य जांच और रहने की अच्छी से अच्छी सुविधाएं उपलब्ध की जाएँगी। इससे निराश्रित और बेसहारा गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि बड़ी और आधुनिक गौशालाओं के निर्माण से गौसंवर्धन को मजबूती मिलेगी और पशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी। गौशालाओं के लिए 505 करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य सरकार ने गौशालाओं के संचालन और विकास के लिए 505 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग गौशालाओं की सुविधाएं बढ़ाने, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने और उनके स्वास्थ्य की देखभाल पर किया जाएगा। इसके साथ ही गौशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे लंबे समय तक सुचारु रूप से संचालित हो सकें। Twisha Sharma Case: CBI रिमांड पर पूर्व जज गिरिबाला सिंह, फैज कुरैशी हत्याकांड का पुराना फैसला फिर चर्चा में हर ब्लॉक में बन रहे हैं वृंदावन ग्राम सरकार प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) में “वृंदावन ग्राम” विकसित कर रही है। इन गांवों में गौपालन, डेयरी और कृषि से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना और पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। ग्वालियर में खुलेगा पशु केयर एंड वेलनेस सेंटर पशुओं के बेहतर इलाज और देखभाल के लिए ग्वालियर में आधुनिक पशु केयर एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा। यहां बीमार और घायल पशुओं का उपचार आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मदद से किया जाएगा। इससे पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। MP Industrial Hub : CM मोहन यादव का बड़ा विजन, 48 औद्योगिक पार्क से बदलेगी मध्यप्रदेश की तस्वीर एक फोन कॉल पर पहुंचेगी पशु एम्बुलेंस सरकार पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पशु एम्बुलेंस सेवा का भी विस्तार कर रही है। इसके तहत पशुपालक जरूरत पड़ने पर फोन के माध्यम से सहायता मांग सकेंगे और एम्बुलेंस उनके गांव तक पहुंचेगी। इस सुविधा से बीमार और घायल पशुओं का समय पर उपचार हो सकेगा और पशु मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी। डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने की तैयारी सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डेयरी क्षेत्र में विशेष अभियान चला रही है। पशुपालकों को बेहतर नस्ल की गाय और भैंस उपलब्ध कराने, आधुनिक तकनीक अपनाने और प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर नस्ल के पशुओं और वैज्ञानिक तरीकों से दूध उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जा सकती है। MP Weather Update : नौतपा में बदला मौसम का रंग, कहीं तपिश से बेहाल लोग, तो कहीं आंधी-बारिश ने दी राहत; 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ेगी नई योजनाओं का सबसे बड़ा लाभ किसानों और पशुपालकों को मिलेगा। दूध उत्पादन बढ़ने से उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। साथ ही पशुपालन से जुड़े अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि खेती के साथ-साथ पशुपालन भी ग्रामीण परिवारों की आय का मजबूत साधन बने। आदिवासी पशुपालकों को मिलेगा विशेष लाभ प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों के लिए भी विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्हें गाय, भैंस और अन्य पशु खरीदने के लिए अनुदान और आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि वे पशुपालन के जरिए अपनी आय बढ़ा सकें। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में प्रदेश में दूध उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी करना है। बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं, आधुनिक डेयरी व्यवस्था और नई योजनाओं के माध्यम से दूध उत्पादन को नई ऊंचाई तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। Sanchi To Mongolia: सीएम मोहन यादव बोले– सांची की विरासत को मिलेगा वैश्विक मंच मध्यप्रदेश सरकार की नई डेयरी और गौसंवर्धन नीति पशुपालकों, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। बड़ी गौशालाओं के निर्माण, वृंदावन ग्राम, पशु स्वास्थ्य सेवाओं और डेयरी विकास योजनाओं से न केवल पशुओं की बेहतर देखभाल होगी, बल्कि लाखों लोगों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि इन प्रयासों से मध्यप्रदेश डेयरी और पशुपालन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
Dindori Water Conservation : “दो महीनों में बदली तस्वीर, डिंडौरी ने रचा जल संरक्षण का नया इतिहास”, देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा जिला

Dindori Water Conservation : डिंडौरी। मध्य प्रदेश का डिंडौरी जिला इन दिनों कुछ ऐसी ही वजह से चर्चा में है जहां लोगों ने पानी बचाने को सिर्फ सरकारी योजना नहीं माना बल्कि खुद आगे आकर इसे जनभागीदारी का अभियान बना दिया। नतीजा ये हुआ कि डिंडौरी जिला जल संरचनाओं के निर्माण और पुराने तालाबों व पानी के स्रोतों को फिर से तैयार करने के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। पिछले दो महीनों से यहां जनभागीदारी के जरिए लगातार काम किया जा रहा है और अब तक जिले और जनपद पंचायत क्षेत्रों में कुल 6 लाख 26 हजार 955 जल संरचनाएं बनाई जा चुकी हैं। Twisha Sharma Case: CBI रिमांड पर पूर्व जज गिरिबाला सिंह, फैज कुरैशी हत्याकांड का पुराना फैसला फिर चर्चा में गांवों में जमीनी स्तर पर बदलाव बजाग जनपद पंचायत की सिंहपुर ग्राम पंचायत में करीब साढ़े तीन सौ घर हैं और लगभग हर घर में सोखता पिट बनाया गया है। साथ ही छतों से बारिश के पानी को पाइप के जरिए जमीन में पहुंचाने की तैयारी की गई है। गांव की रहने वाली मेकिन बाई बताती हैं कि पहले उन्हें जल संरक्षण के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी लेकिन सरपंच दीपचंद पूषाम और अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि अगर पानी को रोका नहीं गया तो आने वाले समय में संकट और बढ़ेगा। इसके बाद उन्होंने खुद मेहनत करके पाइप खरीदे और अपने घर के सामने सोखता पिट बनवाया। जमुना खैरवार की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वे कहती हैं कि पहले उन्हें लगता था कि पानी उपलब्ध कराना सिर्फ सरकार और अधिकारियों की जिम्मेदारी है लेकिन जब उन्हें समझाया गया कि छोटी-सी कोशिश से धरती को रिचार्ज किया जा सकता है तो उन्होंने अपने घर में दो सोखता पिट बनवाए। अब वे खुद गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं। MP Weather Update : नौतपा में बदला मौसम का रंग, कहीं तपिश से बेहाल लोग, तो कहीं आंधी-बारिश ने दी राहत; 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जल संरक्षण के साथ उपयोग पर भी जोर आजीविका परियोजना से जुड़ी कृषक सखी सुदामा सुरेश्वर बताती हैं कि ‘मां की बगिया’ योजना के तहत पांच लोगों के यहां बगिया तैयार की गई है जहां 15 नींबू और 35 आम के पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों को ड्रिप इरिगेशन, हांडी और स्लाइन की बोतलों के जरिए पानी दिया जा रहा है ताकि कम पानी में ज्यादा पौधे जीवित रह सकें। तालाब और जल संरचनाओं का पुनर्निर्माण गांव के सरपंच और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यहां पहले से चार तालाब और 12 स्टॉप डैम मौजूद थे लेकिन लोगों की भागीदारी से उन्हें फिर से ठीक किया गया। इसके अलावा करीब साढ़े तीन सौ कंटूर ट्रेंच भी बनाए गए हैं ताकि बारिश का पानी बहकर न जाए और जमीन के भीतर समा सके। Bhopal NSUI Protest: NEET पेपर लीक को लेकर भोपाल में NSUI का बड़ा प्रदर्शन आज, सीएम हाउस घेराव की तैयारी अमरपुर जनपद के भाखा मॉल ग्राम पंचायत में भी तस्वीर बदल रही है जहां लगभग 928 घर हैं। ग्रामीण खुद अपने खर्च पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग और जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाएं बना रहे हैं। 55 ग्रामीणों ने सोखता गड्ढे बनाए, 262 कंटूर ट्रेंच तैयार किए, 8 तालाबों की मरम्मत की और कई परिवार ड्रिप इरिगेशन का उपयोग कर रहे हैं। प्रशासनिक पहल और जागरूकता अभियान असिस्टेंट इंजीनियर प्रियंका के अनुसार शुरुआत में लोगों को समझाना आसान नहीं था लेकिन चौपालों और बैठकों के जरिए ग्रामीणों को पानी का महत्व समझाया गया। अब लोग खुद आगे आकर काम कर रहे हैं। डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के मुताबिक जिले की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि पानी को बचाना चुनौतीपूर्ण है। यहां पठारी इलाका है और सिंचाई योग्य भूमि केवल करीब 17 प्रतिशत है। इसी वजह से गांव-गांव चौपाल और जागरूकता अभियान चलाए गए, जिसका असर अब दिख रहा है। हालांकि तस्वीर का दूसरा पहलू भी है। एक तरफ बड़े स्तर पर जल संरचनाएं बनाई जा रही हैं तो दूसरी तरफ कई गांव आज भी जल संकट से जूझ रहे हैं। Twisha Sharma Update : ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा कानूनी मोड़, हाईकोर्ट ने गिरिवाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द की जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित आवास टोला में महिलाएं अब भी डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं। कई जगह नल-जल योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और लोग कुओं पर निर्भर हैं। क्या है विशेषज्ञों की राय भूगोल विशेषज्ञ डॉ. रश्मि गौतम का कहना है कि छोटी जल संरचनाएं भूजल रिचार्ज में मदद करती हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए बड़े जल प्रबंधन ढांचे की भी जरूरत है। डिंडौरी में चल रहा यह अभियान जनभागीदारी की एक मजबूत मिसाल बनकर उभरा है। हालांकि असली चुनौती अभी भी हर घर तक स्थायी और सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
Twisha Sharma Case: CBI रिमांड पर पूर्व जज गिरिबाला सिंह, फैज कुरैशी हत्याकांड का पुराना फैसला फिर चर्चा में

Twisha Sharma Case : भोपाल। एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। शुक्रवार को सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी ने दोनों की पांच-पांच दिन की पुलिस रिमांड मांगी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। MP Industrial Hub : CM मोहन यादव का बड़ा विजन, 48 औद्योगिक पार्क से बदलेगी मध्यप्रदेश की तस्वीर सीबीआई की कार्रवाई के बाद अब गिरिबाला सिंह के न्यायिक करियर के आखिरी फैसले की भी काफी चर्चा हो रही है। यह फैसला भोपाल के चर्चित फैज कुरैशी हत्याकांड से जुड़ा था, जिसमें अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। रिटायरमेंट से पहले सुनाया था चर्चित फैसला गिरिबाला सिंह ने 13 फरवरी 2023 को फैज कुरैशी हत्याकांड में फैसला सुनाया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ हत्या का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। कोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शी गवाह, वैज्ञानिक साक्ष्य और एएफएसएल रिपोर्ट आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर पाई। इसी आधार पर आरोपी शफीक कुरैशी को बरी कर दिया गया था। Bhopal NSUI Protest: NEET पेपर लीक को लेकर भोपाल में NSUI का बड़ा प्रदर्शन आज, सीएम हाउस घेराव की तैयारी 2021 में हुई थी फैज कुरैशी की हत्या अभियोजन के अनुसार, 25 जुलाई 2021 की रात तलैया थाना क्षेत्र स्थित ईदगाह स्कूल ग्राउंड के पास फैज कुरैशी पर चाकू से हमला किया गया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने पर गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी शफीक कुरैशी को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान चाकू, कपड़े और अन्य सामग्री भी जब्त की गई थी। Sanchi To Mongolia: सीएम मोहन यादव बोले– सांची की विरासत को मिलेगा वैश्विक मंच सुनवाई के दौरान पलट गए थे गवाह मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को बड़ा झटका लगा। प्रमुख गवाह अमान कुरैशी, अफसान कुरैशी, जीशान और समीर अदालत में अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए। किसी भी गवाह ने अदालत में यह नहीं कहा कि उसने आरोपी को फैज कुरैशी पर हमला करते हुए देखा था। कई गवाहों ने पुलिस जांच और जब्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। एफएसएल रिपोर्ट भी नहीं बनी मजबूत आधार अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि एफएसएल रिपोर्ट भी आरोपी की भूमिका को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर सकी। वैज्ञानिक साक्ष्य अभियोजन के दावों को पूरी तरह मजबूत नहीं कर पाए। कोर्ट ने यह भी माना कि केवल पुलिस अधिकारियों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर किसी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया। Harda Crime News : हरदा में जमीन विवाद में महिला की हत्या, बेटी गंभीर रूप से घायल; देवर गिरफ्तार, बेटा फरार ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई जांच जारी इधर, ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई लगातार जांच कर रही है। 29 मई को गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को पांच-पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच एजेंसी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। मामला अब भी लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। फिल्म और निजी जीवन से जुड़ी चर्चा ट्विशा शर्मा ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी पहचान बनाई थी। उनकी आखिरी फिल्म आने वाले महीनों में रिलीज होने वाली है। फिल्म सेना की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है। उनके निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है। को-एक्टर विराज चीलम ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। Farmer Fraud Case : धान खरीदी के 30 लाख रुपए लेकर फरार हुआ व्यापारी, किसान भुगतान के लिए भटक रहे 12 मई को हुई थी संदिग्ध मौत ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले की जांच सीबीआई कर रही है। ऋषिकेश में अस्थि विसर्जन परिजनों ने शुक्रवार को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर ट्विशा शर्मा की अस्थियों का विसर्जन किया। इस दौरान परिवार ने विधि-विधान से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। Vidisha News : बेटे की मौत के बाद 5 दिन तक शव के पास बैठी रही मां, बाइबिल रखकर करती रही प्रार्थना मामले से जुड़े दो अहम सवाल पूर्व जज की गिरफ्तारी में विशेष प्रक्रिया अपनाई गई। सीबीआई ने गिरफ्तारी की जानकारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि ट्विशा शर्मा मामले की सुनवाई किस अदालत में होगी, क्योंकि भोपाल में सीबीआई मामलों के लिए अलग से अधिसूचित अदालत नहीं है।
MP Industrial Hub : CM मोहन यादव का बड़ा विजन, 48 औद्योगिक पार्क से बदलेगी मध्यप्रदेश की तस्वीर

MP Industrial Hub : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काम से मध्यप्रदेश तेजी से उद्योगों का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। राज्य में करीब 19,300 एकड़ जमीन पर 48 औद्योगिक पार्क तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इसका मकसद ज्यादा कंपनियों को लाना, युवाओं को रोजगार देना और प्रदेश के विकास को तेज करना है। मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में ये औद्योगिक पार्क बनाए जा रहे हैं, जहां कपड़ा, मेडिकल उपकरण, जूते-चप्पल और सोलर व पवन ऊर्जा से जुड़े काम होंगे। इससे गांव और छोटे शहरों तक रोजगार के नए मौके बनेंगे और लोगों को अपने ही इलाके में काम मिल सकेगा। Bhopal NSUI Protest: NEET पेपर लीक को लेकर भोपाल में NSUI का बड़ा प्रदर्शन आज, सीएम हाउस घेराव की तैयारी प्रदेशभर में 48 औद्योगिक पार्क तैयार मध्यप्रदेश में अलग-अलग जगहों पर 48 औद्योगिक पार्क बनाए जा रहे हैं। यहां कपड़ा, मेडिकल उपकरण, फुटवियर और हरित ऊर्जा से जुड़े काम होंगे। सरकार का कहना है कि इससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े मौके बनेंगे। धार में बनेगा देश का बड़ा टेक्सटाइल पार्क धार जिले में PM MITRA टेक्सटाइल पार्क तैयार किया जा रहा है जो 2000 एकड़ से ज्यादा जमीन पर बन रहा है। यहां कपड़ा बनाने का पूरा काम एक ही जगह होगा यानी खेत से लेकर कपड़े बनने तक की पूरी प्रक्रिया यहीं पूरी होगी। इससे करीब 3 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है और मध्यप्रदेश का नाम कपड़ा उद्योग में और मजबूत होगा। MP Weather Update : नौतपा में बदला मौसम का रंग, कहीं तपिश से बेहाल लोग, तो कहीं आंधी-बारिश ने दी राहत; 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क से बढ़ेगा स्वास्थ्य क्षेत्र उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जा रहा है जहां अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बनाए जाएंगे। इससे देश में ही मेडिकल सामान तैयार होगा और बाहर से मंगाने की जरूरत कम होगी। साथ ही युवाओं को नए रोजगार मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। मुरैना में फुटवियर और लेदर उद्योग को बढ़ावा मुरैना में फुटवियर और लेदर क्लस्टर तैयार किया जा रहा है। यहां जूते-चप्पल और चमड़े से जुड़े सामान बनाए जाएंगे। इससे छोटे कारीगरों और स्थानीय लोगों को काम मिलेगा और निर्यात के मौके भी बढ़ेंगे। Government Schools : शिक्षा पोर्टल में गड़बड़ी, शिक्षकों के रिकॉर्ड में कई को मृत तो कई रिटायर्ड को कार्यरत दिखाया नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी का काम नर्मदापुरम में सोलर और पवन ऊर्जा से जुड़े उपकरण बनाने का काम किया जाएगा। इससे साफ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और नई तकनीक का विकास होगा। निवेश के लिए बेहतर हो रहा माहौल सरकार मध्यप्रदेश को निवेश के लिए और आसान बनाने पर काम कर रही है। इसके लिए जमीन, बिजली, पानी और ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं। राज्य की भौगोलिक स्थिति भी उद्योगों के लिए फायदेमंद है क्योंकि यहां से बड़े बाजारों तक पहुंच आसान है। Sehore water crisis : सीहोर जमोनिया तालाब से पानी न छोड़े जाने पर सात गांवों में गंभीर जल संकट युवाओं को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा इन सभी औद्योगिक पार्कों और प्रोजेक्ट्स से सबसे ज्यादा फायदा युवाओं को होगा। लाखों नए रोजगार के मौके बनेंगे, लोग अपने ही शहर और जिले में काम कर पाएंगे और छोटे व्यापार भी तेजी से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। धार, उज्जैन, मुरैना और नर्मदापुरम जैसे जिलों में बन रहे ये बड़े प्रोजेक्ट प्रदेश की तस्वीर बदल सकते हैं। अगर ये योजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो मध्यप्रदेश आने वाले समय में देश के बड़े औद्योगिक राज्यों में शामिल हो सकता है। Bhopal Viral News : मॉर्च्युरी के बाहर स्ट्रेचर पर शव की चीर-फाड़, हमीदिया अस्पताल का VIDEO सामने आया
Bhopal NSUI Protest: NEET पेपर लीक को लेकर भोपाल में NSUI का बड़ा प्रदर्शन आज, सीएम हाउस घेराव की तैयारी

Bhopal NSUI Protest: भोपाल। NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में चल रहे विवाद के बीच आज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एनएसयूआई (NSUI) बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। छात्र संगठन ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, छात्र हितों से जुड़े मुद्दों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आशंका है कि बड़ी संख्या में छात्र, युवा और संगठन के कार्यकर्ता इसमें शामिल हो सकते हैं। MP Weather Update : नौतपा में बदला मौसम का रंग, कहीं तपिश से बेहाल लोग, तो कहीं आंधी-बारिश ने दी राहत; 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में होगा प्रदर्शन एनएसयूआई का यह प्रदर्शन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में होगा। संगठन का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। छात्रों ने परीक्षा की तैयारी के लिए लंबे समय तक मेहनत की थी, लेकिन पेपर लीक की खबरों के बाद उनके भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी मुद्दे को लेकर छात्र अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रदर्शन करेंगे। कांग्रेस कार्यालय से निकलेगा मार्च प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता और छात्र शाम करीब 4 बजे मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से मार्च निकालेंगे। इसके बाद सीएम हाउस का घेराव करने की तैयारी है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अव्यवस्था न हो। Sanchi To Mongolia: सीएम मोहन यादव बोले– सांची की विरासत को मिलेगा वैश्विक मंच NEET पेपर लीक के साथ कई अन्य मुद्दे भी उठाए जाएंगे एनएसयूआई ने साफ किया है कि यह आंदोलन सिर्फ NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदर्शन के दौरान छात्र संघ चुनाव, तकनीकी शिक्षा से जुड़े मुद्दे, विश्वविद्यालयों की व्यवस्थाएं और RGPV के नाम बदलने के प्रस्ताव जैसे विषय भी उठाए जाएंगे। संगठन का आरोप है कि छात्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार मांग उठने के बावजूद समाधान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी। एनएसयूआई का कहना है कि NEET परीक्षा को लेकर सामने आए विवादों के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। Government Schools : शिक्षा पोर्टल में गड़बड़ी, शिक्षकों के रिकॉर्ड में कई को मृत तो कई रिटायर्ड को कार्यरत दिखाया NEET छात्र और कांग्रेस नेता भी होंगे शामिल इस आंदोलन में NEET परीक्षा में शामिल हुए कई छात्र भी भाग लेने वाले हैं। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में मौजूद रहेंगे। छात्र संगठन का दावा है कि यह प्रदर्शन छात्रों की समस्याओं और मांगों को मजबूती से उठाने का काम करेगा। वहीं, बड़े स्तर पर होने वाले इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। Raisen News : रायसेन में पत्नी को शरण देने पर विवाद, दो पक्षों में लाठी-डंडों से हिंसक झड़प, 5 घायल
MP Weather Update : नौतपा में बदला मौसम का रंग, कहीं तपिश से बेहाल लोग, तो कहीं आंधी-बारिश ने दी राहत; 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

MP Weather Update : भोपाल। मई की तपती गर्मी के बीच मध्य प्रदेश का मौसम अब रंग बदलता नजर आ रहा है। प्रदेशभर में नौतपा के दौरान जहां कुछ जिलों में सूरज अब भी आग उगल रहा है, वहीं कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। मौसम विभाग ने ग्वालियर संभाग सहित प्रदेश के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। ऐसे में भीषण गर्मी के बीच मौसम का यह बदला हुआ रूप लोगों को राहत भी दे रहा है और सतर्क रहने की चेतावनी भी। Sanchi To Mongolia: सीएम मोहन यादव बोले– सांची की विरासत को मिलेगा वैश्विक मंच नौतपा के बीच मौसम ने बदला रंग आमतौर पर नौतपा के दिनों में तापमान अपने चरम पर पहुंचता जाता है और लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है। इस बार भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज गर्मी बनी हुई है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। कई जिलों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बारिश होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम ऐसा ही बदला हुआ रह सकता है। 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, नीमच और मंदसौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में न रुकने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और बिजली गिरने की आशंका के समय सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की है। wheat procurement : मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन ने बनाया नया रिकॉर्ड, किसानों में उत्साह नरसिंहपुर सबसे गर्म, कई जिलों में 42 डिग्री के पार पारा बारिश और बादलों के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। नरसिंहपुर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रायसेन में 43 डिग्री, शाजापुर और नर्मदापुरम में 42.5 डिग्री, राजगढ़ में 42.4 डिग्री तथा खंडवा में 42.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में दोपहर के समय लोगों को तेज गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ा। बड़े शहरों में गर्मी का असर राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं इंदौर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 41.6 डिग्री और जबलपुर में 40.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, लेकिन बीच-बीच में चल रही हवाओं और बादलों की आवाजाही ने गर्मी की तीव्रता को कुछ हद तक कम किया है। Harda Crime News : हरदा में जमीन विवाद में महिला की हत्या, बेटी गंभीर रूप से घायल; देवर गिरफ्तार, बेटा फरार ग्वालियर में सबसे ज्यादा राहत प्रदेश में सबसे बड़ा बदलाव ग्वालियर में देखने को मिला। यहां दिन का तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश के प्रमुख शहरों में सबसे कम रहा। सबसे खास बात यह रही कि ग्वालियर के तापमान में एक दिन के भीतर 10.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह दतिया में 10.1 डिग्री, खजुराहो में 7.3 डिग्री, नौगांव में 7.5 डिग्री और रीवा में 5.8 डिग्री तापमान कम हुआ। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट बारिश, बादल और तेज हवाओं के कारण दर्ज की गई है। 30 मई के बाद और बढ़ेगी बारिश मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 मई के बाद प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। Vidisha News : बेटे की मौत के बाद 5 दिन तक शव के पास बैठी रही मां, बाइबिल रखकर करती रही प्रार्थना विशेषज्ञों का मानना है कि मई के अंतिम दिनों और जून की शुरुआत में मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए भी राहत भरा साबित हो सकता है। हालांकि तेज आंधी और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है। अगले कुछ दिनों का मौसम कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना। 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के भी आसार। दिन के तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना। नौतपा का असर जारी रहेगा, लेकिन बारिश के कारण राहत मिल सकती है। गर्मी और बारिश के बीच सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तेज धूप के दौरान बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Bhopal Viral News : मॉर्च्युरी के बाहर स्ट्रेचर पर शव की चीर-फाड़, हमीदिया अस्पताल का VIDEO सामने आया