Drug free campaign : बैतूल। बैतूल जिले में बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है। बैतूल जिले के सभी स्कूलों के 500 मीटर दायरे को ‘नो-ड्रग जोन’ घोषित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि स्कूलों के आसपास नशे के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है।
कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की अध्यक्षता में यह फैसले जिला स्तरीय समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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स्कूलों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
इस बैठक में तय किया गया कि स्कूलों में ड्रग्स, स्मैक और कई नशीले पदार्थों के नुकसान को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। शिक्षा विभाग को दिसंबर तक रोस्टर तैयार कर सभी स्कूलों में नशा मुक्ति अभियान आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
संदिग्ध गुमठियों पर रहेगी नजर
प्रशासन ने स्कूलों के आसपास संचालित संदिग्ध गुमठियों और दुकानों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि स्कूल परिसरों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके।
गांवों में खेल गतिविधियों पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। साथ ही नशा मुक्ति से जुड़े गैर-सरकारी संगठनों के संपर्क नंबर सार्वजनिक स्थानों पर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध नशे के कारोबार पर सख्ती
बैठक में अवैध नशीले पदार्थों की खेती और नारकोटिक्स ड्रग्स के खिलाफ अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।