Harda News : हरदा। हरदा जिले के मांगरुल गांव में एक 19 वर्षीय गर्भवती महिला को खेत में काम करते समय अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल पहुंचने के बजाय महिला ने मौके पर ही खुद प्रसव कराने की कोशिश की, जो बेहद गंभीर स्थिति में बदल गई।
अधूरी डिलीवरी से बिगड़ी स्थिति
स्वयं डिलीवरी के प्रयास के दौरान प्रसव प्रक्रिया जटिल हो गई, जिससे नवजात को बचाया नहीं जा सका और मां की हालत भी गंभीर हो गई। परिजन घबराकर तुरंत महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया और आवश्यक प्रक्रिया अपनाकर महिला की जान बचाई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह प्री-मैच्योर (समय से पहले) डिलीवरी का मामला था, जिससे जटिलताएं बढ़ गईं।
डॉक्टरों की प्राथमिक जानकारी
डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ लगभग 24 सप्ताह का था। ऐसी स्थिति में बिना चिकित्सकीय सहायता के प्रसव का प्रयास बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पहले भी हो चुका है प्री-मैच्योर प्रसव
जानकारी के अनुसार, महिला को पहले भी समय से पहले प्रसव का सामना करना पड़ा था। इस बार भी वही स्थिति दोहराई गई, जिससे जोखिम और बढ़ गया।
अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। नवजात का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रसव जैसी स्थिति में हमेशा तुरंत अस्पताल या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की मदद लेनी चाहिए। देरी या गलत तरीके से प्रयास मां और बच्चे दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है।