Latest

Buffalo kidnapping : चंबल में अपराध का नया ट्रेंड, बच्चों के बाद अब जानवरों की किडनैपिंग, फिरौती का धंधा हुआ शुरू

Buffalo kidnapping

Buffalo kidnapping : मध्यप्रदेश।   मध्यप्रदेश के मुरैना जिले और चंबल क्षेत्र में अपराध का एक नया और चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। बच्चों के अपहरण जैसी घटनाओं के बाद अब बदमाशों ने पशुओं, खासकर भैंसों की किडनैपिंग को अपना नया जरिया बना लिया है। हालात यह हैं कि तबेलों से भैंस चोरी कर बदमाश मोटी फिरौती मांग रहे हैं और ग्रामीणों को मजबूरन पैसे देकर अपने पशु छुड़ाने पड़ रहे हैं।

MP missing cases : एमपी में 10 दिन में 100 गुमशुदगी, 98 अब भी लापता, 14–25 साल की लड़कियों के मामले सबसे ज्यादा

तबेलों से भैंस चोरी, फिरौती की मांग

चंबल के बीहड़ इलाकों में सक्रिय गिरोह रात के समय गांवों में घुसकर तबेलों से भैंसों को चोरी कर ले जाते हैं। इसके बाद कुछ ही घंटों में बिचौलियों के जरिए पशुपालकों से संपर्क किया जाता है और भैंस वापस करने के बदले मोटी रकम की मांग की जाती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं है, बल्कि पूरी तरह संगठित “पशु अपहरण” का मामला है, जिसमें पहले से तय प्लान के तहत वारदात को अंजाम दिया जा रहा है।

MP-राजस्थान बॉर्डर पर सक्रिय गिरोह

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह गिरोह मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर सक्रिय है। भैंसों को चोरी करने के बाद उन्हें तुरंत सीमा पार ले जाया जाता है, जिससे पुलिस के लिए उनका पता लगाना और भी मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि बदमाश इलाके की भौगोलिक स्थिति और पुलिस की गतिविधियों से भली-भांति परिचित हैं, जिसका फायदा उठाकर वे लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

Bhopal crime news : भोपाल के निशातपुरा में बुजुर्ग महिला से लूट, 2 दिन में दबोचा लुटेरा, जेवरात बरामद

बिचौलियों के जरिए हो रही वसूली

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फिरौती की रकम सीधे नहीं ली जाती, बल्कि इसके लिए बिचौलियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये बिचौलिए पीड़ितों से संपर्क कर रकम तय करते हैं और भुगतान होने के बाद ही भैंसों को वापस कराया जाता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन अब तक इस गिरोह पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

पुलिस से नाराज़ ग्रामीण, खुद संभाली कमान

लगातार हो रही घटनाओं से नाराज़ होकर अब ग्रामीणों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया है। कई गांवों के लोग समूह बनाकर चंबल के बीहड़ों में डेरा डाल रहे हैं और हथियारों के साथ अपने स्तर पर भैंसों की तलाश कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस से मदद मांगने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होती, इसलिए अब वे खुद ही अपने पशुओं को बचाने के लिए मजबूर हैं।

VIT Bhopal student health : वीआईटी भोपाल में टाइफाइड के मामले बढ़े, कुल 28 संक्रमित

पशुपालकों में खौफ, शिकायत करने पर मिल रही धमकियां

इस पूरे मामले ने पशुपालकों में डर का माहौल बना दिया है। कई लोगों का कहना है कि अगर वे पुलिस में शिकायत करते हैं, तो बदमाशों की ओर से उन्हें धमकियां मिलती हैं।

यही वजह है कि कई पीड़ित पुलिस तक जाने से बच रहे हैं और सीधे बिचौलियों के जरिए पैसे देकर अपने पशु वापस ले रहे हैं।

सुमावली थाना क्षेत्र में भी वारदात

हाल ही में सुमावली थाना क्षेत्र के पास भी ऐसी ही एक घटना सामने आई, जहां पीड़ित को अपनी भैंसें छुड़ाने के लिए फिरौती देनी पड़ी। इस घटना ने पूरे इलाके में डर और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह गिरोह अब धीरे-धीरे अपना नेटवर्क बढ़ा रहा है और अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

चंबल क्षेत्र पहले से ही अपराध के लिए कुख्यात रहा है, लेकिन अब इस तरह की नई आपराधिक गतिविधियों ने प्रशासन की चुनौती को और बढ़ा दिया है।

Sanatan Dharma controversy : हर्षा रिछारिया के कथित संन्यास को लेकर विवाद तेज, संत समाज ने उठाए गंभीर सवाल

प्रशासन पर उठ रहे सवाल

लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई बड़ी सफलता सामने नहीं आई है। ऐसे में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों की मांग है कि सीमावर्ती इलाकों में सख्त निगरानी बढ़ाई जाए, गश्त तेज की जाए और इस गिरोह को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में इंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन बेहद जरूरी है। मध्यप्रदेश और राजस्थान पुलिस को मिलकर काम करना होगा, तभी इस गिरोह पर प्रभावी कार्रवाई संभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *