हाइलाइट्स
- 19,810 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी
- 6 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे
- सड़क और सिंचाई परियोजनाओं पर बड़ा निवेश
- कृषि यंत्रीकरण के लिए 2,250 करोड़ स्वीकृत
- महिला योजनाओं और वन स्टॉप सेंटर को बढ़ावा
MP Cabinet Decision : भोपाल। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में प्रदेश के विकास और लोक कल्याण से जुड़े करीब 19,810 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इस दौरान अलग-अलग विभागों की कई योजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिससे बुनियादी ढांचे से लेकर स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र तक व्यापक असर देखने को मिलेगा।
6 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने छह जिलों राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली में नए मेडिकल कॉलेज खोलने को मंजूरी दी है।
इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1,674 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
सिंचाई और सड़क परियोजनाओं पर बड़ा निवेश
कैबिनेट ने सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इससे 27 गांवों की करीब 7200 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के तहत 10,801 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें सड़क विकास, बीओटी प्रोजेक्ट्स और बाहरी वित्त पोषित योजनाएं शामिल हैं, जिन्हें 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा
कृषि क्षेत्र में ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन (SMAM)’ के तहत 2,250 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा, लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत मध्याह्न भोजन और पोषण योजनाओं के लिए 3,553 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया है।
महिला सशक्तिकरण पर भी फोकस
महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन 181 के लिए 240 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है।
साथ ही प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोलने का फैसला लिया गया है। ये सेंटर मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार (मनावर), पीथमपुर, इंदौर (लसूडिया, सांवेर) और झाबुआ (पेटलावद) में स्थापित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान
भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को जारी रखने के लिए करीब 1,005 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह व्यवस्था 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।