हाइलाइट्स
- जीतू पटवारी को कृषि मेले में जाने की अनुमति नहीं मिली
- किसानों को कम दाम मिलने पर सरकार पर निशाना
- मेले में बड़े नेताओं की मौजूदगी का जिक्र
- दिग्विजय सिंह से मुलाकात पर भी दी सफाई
Raisen Krishi Mela : भोपाल। भोपाल में रायसेन कृषि मेले को लेकर सियासत गरमा गई है। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि उन्हें मेले में जाने की अनुमति अब तक नहीं दी गई है।
पटवारी ने कहा कि उनका मन कृषि मेले में जाकर आधुनिक तकनीकों को देखने का है और इसके लिए उन्होंने पहले ही पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने पूर्व में कहा था कि अनुमति मिलने पर ही वे मेले में जाएंगे, अन्यथा अंतिम दिन जाने की कोशिश करेंगे।
“सरकार नहीं चाहती कि मैं जाऊं”
पटवारी के मुताबिक उन्हें एक पुलिस अधिकारी का फोन आया, जिसमें कहा गया कि सरकार नहीं चाहती कि वे मेले में शामिल हों।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें रोकने के लिए रास्तों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
पटवारी ने कहा कि अब तक उन्हें मेले में जाने का कोई समय नहीं दिया गया है।
किसानों के मुद्दे पर भी सरकार पर हमला
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस दौरान किसानों की समस्याओं को लेकर भी सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल, खासकर गेहूं, 2000 रुपए प्रति क्विंटल से कम दाम में बेचने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस लगातार किसानों के मुद्दे उठा रही है और यह भी आग्रह किया गया था कि उन्हें कृषि मेले में जाकर जमीनी स्थिति समझने का मौका दिया जाए।
बड़े नेताओं की मौजूदगी का जिक्र
पटवारी ने कहा कि यह कृषि मेला केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित हो रहा है, जिसमें देशभर के मंत्री और मीडिया शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के भी मेले में आने की संभावना है, ऐसे में उन्हें अनुमति न मिलना सवाल खड़े करता है।
दिग्विजय सिंह से मुलाकात पर प्रतिक्रिया
दिग्विजय सिंह से मुलाकात को लेकर पटवारी ने कहा कि वे समय-समय पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लेते रहते हैं।
उन्होंने बताया कि राज्यसभा, संगठन और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई है।
पटवारी ने भरोसा जताया कि राज्यसभा के लिए उनकी पार्टी का उम्मीदवार ही जाएगा।