AYUSH NEXT Test Protest भोपाल। नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) ने देशभर के आयुष विभागों, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, वीसी, डायरेक्टर, डीन, रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर सूचना दी है कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 बैच के छात्रों के लिए नेशनल एग्जिट टेस्ट (NEXT) अनिवार्य होगा।
यह परीक्षा मार्च 2027 में आयोजित होने की संभावना है लेकिन इस फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विरोध की लहर तेज हो गई है। आयुष मेडिकल एसोसिएशन और निजी आयुर्वेद महाविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ ने आयुष मंत्रालय, NCISM, केंद्रीय आयुष मंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर NEXT को फिलहाल स्थगित करने की मांग की है।
संगठनों का कहना है कि एमबीबीएस छात्रों के लिए NEXT को 2028-29 बैच से लागू करने का फैसला लिया गया है, उसी तरह आयुष छात्रों (BAMS आयुर्वेद, BUMS यूनानी, BSMS सिद्ध, सोवा-रिग्पा) के लिए भी इसे टालना चाहिए।
संगठन प्रवक्ता ने बताया कि अगर मांग न मानी गई तो आवश्यकता पड़ने पर कोर्ट का रुख भी किया जाएगा। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के छात्र संगठन एकजुट हो रहे हैं।
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नेक्स्ट टेस्ट का क्या असर?
NEXT पास करने के बाद ही आयुष स्नातकों को चिकित्सा अभ्यास के लिए लाइसेंस मिलेगा। साथ ही, यह एमडी/एमएस जैसे स्नातकोत्तर (PG) कोर्सेज में एडमिशन का सामान्य द्वार बनेगा। मार्च 2027 में होने वाली इस परीक्षा से 2021-22 बैच के करीब 40 हजार छात्र प्रभावित होंगे। ये छात्र जुलाई 2026 में अपनी फाइनल ईयर की मुख्य परीक्षा देंगे।
छात्रों का सवाल है, “12वीं पास के लिए परीक्षा दी, NEET से आयुष UG में एंट्री ली, 5.5 साल की डिग्री के दौरान कई यूनिवर्सिटी एग्जाम दिए। अब स्नातक के बाद NEXT क्यों? कितनी बार योग्यता साबित करें?”
देशभर में 700 से ज्यादा आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा कॉलेज और 300 होम्योपैथी संस्थान चल रहे हैं, जहां कुल 2-2.5 लाख छात्र पढ़ रहे हैं। संगठनों ने कहा कि राष्ट्रीय मेडिकल कमीशन (NMC) ने MBBS के लिए NEXT को 2025 से टालकर 2028-29 तक धकेल दिया, जिससे छात्रों को राहत मिली। अब बिना दबाव के पढ़ाई हो सकेगी। लेकिन आयुष छात्रों पर यह बोझ क्यों? यह भेदभाव है।
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विरोध की शुरुआत और आगे की योजना
विरोध जून 2024 में जंतर-मंतर पर शुरू हुआ था, जहां छात्रों ने पुराने बैचों के लिए NEXT रद्द करने की मांग की। सितंबर 2024 में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने घोषणा की कि NEXT 2021-22 बैच से लागू होगा।
इसके बाद चेंज.ऑर्ग पर पिटिशन शुरू हुई, जिसमें रेट्रोस्पेक्टिव NEXT रद्द करने की अपील की गई। नागपुर में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन स्टूडेंट फोरम (NIMASF) ने भी मांग उठाई।
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संगठनों ने मंत्रालय को पत्र भेजा है। अगर 15 दिनों में जवाब न मिला तो धरना-प्रदर्शन और PIL दायर करेंगे। छात्रों का कहना है कि NEXT से क्वालिटी सुधरेगी, लेकिन पुराने बैचों पर लागू करना अनुचित है। आयुष शिक्षा को मजबूत करने के लिए अन्य सुधारों पर फोकस हो।
वर्जन
NCISM को NMC की भांति आयुष छात्रों हेतु फिलहॉल नेशनल एग्जिट टेस्ट परीक्षा को स्थगित कर देना चाहिये। योग्यता व योग्य चिकित्सक प्राप्ति के हम विरोधी नहीं हैं, परंतु बेवजह आयुष छात्रों पर मानसिक दबाव से बेहतर है कि नेक्स्ट परीक्षा वर्ष 2028 के बाद प्रारंभ की जावे तो उचित रहेगा। हमें विश्वास है कि एनसीआईएसएम छात्रहित में कदम जरूर उठायेगा।
– डॉ राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन
निजी आयुर्वेद महाविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ भी विरोध में है और हम चाहते हैं कि फिलहाल नेक्स्ट एग्जाम टाला जावे।
– डॉ सुरेंद्र पटेल, अध्यक्ष , मप्र नि आयु महा शिक्षक कल्याण संघ

