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Ujjain Simhastha 2028 : CM यादव की घोषणा, सिंहस्थ में क्षिप्रा में ही अखाड़े साधु संत और श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी

Ujjain Simhastha 2028

Ujjain Simhastha 2028 : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 को ऐतिहासिक बनाने के लिए शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस बार सिंहस्थ में 13 अखाड़ों के साधु-संत और करोड़ों श्रद्धालु मां क्षिप्रा के मूल जल में ही आस्था की डुबकी लगाएंगे। नर्मदा नदी का पानी तो सहायक के रूप में मिलेगा, लेकिन मुख्य स्नान क्षिप्रा के पवित्र जल में ही होगा। यह घोषणा श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह भर रही है।

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सीएम ने बताया कि क्षिप्रा नदी पर कुल 29 किलोमीटर लंबे नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए 779 करोड़ रुपये की लागत से 29.21 किमी का रिवर फ्रंट कॉरिडोर विकसित होगा। घाटों को सदैव प्रवाहित रखने के लिए 21 बैराज बनाए जा रहे हैं। इनसे नदी में बारहमासी जल उपलब्ध रहेगा।

नर्मदा का पानी आपात स्थिति में मिलाया जाएगा, लेकिन स्नान का पुण्य मूल क्षिप्रा जल से ही मिलेगा। सीएम ने जोर देकर कहा, “हमने ठान लिया है कि सिंहस्थ में साधु-संतों और भक्तों को क्षिप्रा के निर्मल जल से ही स्नान कराया जाएगा। इसके लिए व्यापक प्रबंध हो चुके हैं।”

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13 अखाड़ों के महामंडलेश्वरों और संत-महात्माओं के लिए अलग से जमीनें आवंटित की गई हैं। सभी अखाड़ों को स्थायी स्थान दिए जाएंगे ताकि मेले के दौरान कोई असुविधा न हो। सीएम ने भूमिपूजन के दौरान अंगारेश्वर महादेव मंदिर में पूजन-अर्चना की।

उन्होंने देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर उनके नाम का एक घाट नामित करने की भी घोषणा की। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, अखाड़ा परिषद महामंत्री हरि गिरी महाराज और सांसद अनिल फिरोजिया मौजूद रहे।

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सिंहस्थ-2028 की तैयारियां अभी से जोरों पर हैं। सरकार ने दिसंबर 2027 तक घाटों और जल संरचनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कुल बजट 5,900 करोड़ रुपये से ज्यादा का है, जिसमें 18 विभागों के 568 प्रस्ताव मंजूर हो चुके हैं।

इसमें कान्ह नदी का 30 किमी डायवर्जन (1,025 करोड़), सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी बांध (615 करोड़) और 25 बैराज (118 करोड़) शामिल हैं। इंदौर-उज्जैन मेट्रो लाइन का सर्वे भी दिल्ली मेट्रो को सौंपा गया है।

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