Sehore News : सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में रबी फसलों की बुवाई का मौसम चल रहा है, लेकिन खाद की भारी किल्लत ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के गृह क्षेत्र इछावर में हालात बद से बदतर हो गए हैं। यहां की सहकारी समिति पर सुबह से लेकर देर रात तक लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं, फिर भी किसानों को एक-दो बोरी खाद ही नसीब हो पाती है।
कई किसान और महिलाएं तो रातभर सोसाइटी के बाहर बैठकर अपना नंबर का इंतजार करते हैं। खाद न मिलने से गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों की बुवाई लेट हो रही है, जिससे पैदावार पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है और स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस को मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालनी पड़ी।
इछावर सोसाइटी के बाहर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इनमें सैकड़ों किसान और महिलाएं धूप में खड़े दिख रहे हैं। कुछ महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर लाइन में लगी हैं। किसानों ने बताया कि वे सुबह 5 बजे से आ जाते हैं, लेकिन शाम तक भी खाद नहीं मिलती।
एक किसान ने कहा, “रातभर जागकर नंबर लगाया, फिर भी सिर्फ दो बोरी मिली। इतनी मेहनत के बाद भी पूरा खाद नहीं मिल रहा। फसल बर्बाद हो जाएगी।” दूसरे किसान ने शिकायत की कि डीएपी की जगह यूरिया थमा दी जाती है, जो फसल के लिए पर्याप्त नहीं।
भाऊंखेड़ी और बोरदी गांवों में भी यही हाल है। वहां किसान घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौट रहे हैं। मांग ज्यादा और सप्लाई कम होने से कालाबाजारी भी शुरू हो गई है।
सूचना मिलते ही इछावर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने किसानों को लाइन में खड़ा करवाया और खाद वितरण को क्रमबद्ध तरीके से चलाने का आश्वासन दिया। एसडीओपी ने किसानों से बातचीत की और कहा कि जल्द ही नई खेप आएगी लेकिन किसान संतुष्ट नहीं हैं।
उनका कहना है कि यह समस्या हर साल आती है, लेकिन सरकार कोई स्थायी समाधान नहीं करती। इछावर होने के बावजूद मंत्री जी के क्षेत्र में यह हाल है तो दूसरे इलाकों का क्या होगा?
यह संकट सिर्फ इछावर तक नहीं है। पूरे मध्यप्रदेश में डीएपी और यूरिया की कमी से किसान परेशान हैं। सीहोर जिला केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला है, फिर भी यहां हालात खराब हैं।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना बार-बार दावा करते हैं कि खाद की कोई कमी नहीं है और जरूरत पड़ने पर घर-घर बोरी पहुंचाई जाएगी। लेकिन इछावर की ये तस्वीरें उनके दावों की पोल खोल रही हैं।
प्रदेश में रबी सीजन के लिए 42 लाख मीट्रिक टन खाद की जरूरत है, लेकिन अब तक सिर्फ 25 लाख टन ही उपलब्ध कराई गई। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा किसान हितैषी होने का ढोंग कर रही है।
खाद की कालाबाजारी हो रही है और निजी दुकानों पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि उनकी सरकार में कभी ऐसी समस्या नहीं हुई।