Bhopal Hotels : भोपाल। राजधानी भोपाल में होटल, लॉज और कमर्शियल भवनों की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं।। शहर में करीब 2000 होटल और लॉज संचालित हैं। इनमें लगभग 1300 होटल ऐसे हैं जिनमें रेस्टोरेंट और किचन भी हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में होटल बिना वैध या अपडेटेड फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के चल रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक भोपाल के 50 फीसदी से ज्यादा छोटे और मध्यम स्तर के होटल, यानी करीब 800 से 1000 होटल, ऐसे हैं जिनके पास फायर एनओसी नहीं है या फिर उन्होंने समय पर उसका नवीनीकरण नहीं कराया है। वहीं करीब 150 से 200 होटल ऐसे हैं जिनके आवेदन अभी प्रक्रिया में हैं या फायर विभाग द्वारा बताई गई कमियों को दूर करने के कारण लंबित हैं।
बड़े होटल करा रहे हैं फायर एनओसी अपडेट
शहर के बड़े और स्थापित होटल फायर सुरक्षा नियमों का पालन करने में ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। खासकर एमपी नगर, होशंगाबाद रोड और अन्य प्रमुख व्यावसायिक इलाकों के कई होटल ई-नगरपालिका पोर्टल के जरिए अपनी फायर एनओसी अपडेट करा रहे हैं।
किन होटलों के लिए जरूरी है फायर एनओसी
नियमों के अनुसार 15 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों, 500 वर्गमीटर से बड़े प्लॉट पर बने भवनों या 50 से ज्यादा कमरों वाले होटलों के लिए फायर एनओसी लेना जरूरी है। हालांकि कई छोटे होटल संचालक खुद को इन नियमों के दायरे से बाहर मानते हैं, इसलिए वे फायर सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं पर ज्यादा ध्यान नहीं देते।
फायर एनओसी के लिए आवेदन करने के बाद भवन का निरीक्षण और तकनीकी जांच की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 3 से 5 सप्ताह का समय लग जाता है। अगर विभाग कुछ कमियां बताता है तो उन्हें दूर करने में और ज्यादा समय लग सकता है।
सख्त फायर एक्ट नहीं, फिर भी हो सकती है कार्रवाई
मध्य प्रदेश में अभी कोई अलग और सख्त फायर एक्ट लागू नहीं है। इसलिए नगर निगम सीधे भारी जुर्माना नहीं लगा सकता। लेकिन यदि किसी भवन में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलती हैं तो प्रशासन उसे सील कर सकता है, साथ ही बिजली और पानी का कनेक्शन भी काट सकता है।
भोपाल में पहले भी हो चुके हैं बड़े अग्निकांड
राजधानी में पिछले कुछ सालों में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जून 2024 में हमीदिया रोड के एक होटल में भीषण आग लगी थी। इसके बाद दिसंबर 2024 में एमपी नगर के एक कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में रखे ज्वलनशील सामान में आग लगने से हड़कंप मच गया था।
अक्टूबर 2025 में न्यू मार्केट के एक कपड़ा शोरूम के बेसमेंट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इसके अलावा सतपुड़ा भवन और गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में हुई बड़ी आग की घटनाओं ने भी शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।
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सुरक्षा नियमों के पालन पर बढ़ा जोर
लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं के बाद फायर विभाग और प्रशासन होटल, लॉज और व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा नियमों के पालन पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि फायर एनओसी सिर्फ एक कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए बेहद जरूरी सुरक्षा व्यवस्था है।