Twisha Sharma Case : भोपाल। एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। शुक्रवार को सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी ने दोनों की पांच-पांच दिन की पुलिस रिमांड मांगी, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी।
MP Industrial Hub : CM मोहन यादव का बड़ा विजन, 48 औद्योगिक पार्क से बदलेगी मध्यप्रदेश की तस्वीर
सीबीआई की कार्रवाई के बाद अब गिरिबाला सिंह के न्यायिक करियर के आखिरी फैसले की भी काफी चर्चा हो रही है। यह फैसला भोपाल के चर्चित फैज कुरैशी हत्याकांड से जुड़ा था, जिसमें अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।
रिटायरमेंट से पहले सुनाया था चर्चित फैसला
गिरिबाला सिंह ने 13 फरवरी 2023 को फैज कुरैशी हत्याकांड में फैसला सुनाया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ हत्या का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
कोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शी गवाह, वैज्ञानिक साक्ष्य और एएफएसएल रिपोर्ट आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर पाई। इसी आधार पर आरोपी शफीक कुरैशी को बरी कर दिया गया था।
2021 में हुई थी फैज कुरैशी की हत्या
अभियोजन के अनुसार, 25 जुलाई 2021 की रात तलैया थाना क्षेत्र स्थित ईदगाह स्कूल ग्राउंड के पास फैज कुरैशी पर चाकू से हमला किया गया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीने पर गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का कारण बताया गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी शफीक कुरैशी को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान चाकू, कपड़े और अन्य सामग्री भी जब्त की गई थी।
Sanchi To Mongolia: सीएम मोहन यादव बोले– सांची की विरासत को मिलेगा वैश्विक मंच
सुनवाई के दौरान पलट गए थे गवाह
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को बड़ा झटका लगा। प्रमुख गवाह अमान कुरैशी, अफसान कुरैशी, जीशान और समीर अदालत में अपने पहले दिए गए बयानों से मुकर गए।
किसी भी गवाह ने अदालत में यह नहीं कहा कि उसने आरोपी को फैज कुरैशी पर हमला करते हुए देखा था। कई गवाहों ने पुलिस जांच और जब्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
एफएसएल रिपोर्ट भी नहीं बनी मजबूत आधार
अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि एफएसएल रिपोर्ट भी आरोपी की भूमिका को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर सकी। वैज्ञानिक साक्ष्य अभियोजन के दावों को पूरी तरह मजबूत नहीं कर पाए।
कोर्ट ने यह भी माना कि केवल पुलिस अधिकारियों के बयान और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर किसी आरोपी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया।
ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई जांच जारी
इधर, ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई लगातार जांच कर रही है। 29 मई को गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को पांच-पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
जांच एजेंसी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। मामला अब भी लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
फिल्म और निजी जीवन से जुड़ी चर्चा
ट्विशा शर्मा ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में अपनी पहचान बनाई थी। उनकी आखिरी फिल्म आने वाले महीनों में रिलीज होने वाली है। फिल्म सेना की पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है।
उनके निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है। को-एक्टर विराज चीलम ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
Farmer Fraud Case : धान खरीदी के 30 लाख रुपए लेकर फरार हुआ व्यापारी, किसान भुगतान के लिए भटक रहे
12 मई को हुई थी संदिग्ध मौत
ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
ऋषिकेश में अस्थि विसर्जन
परिजनों ने शुक्रवार को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर ट्विशा शर्मा की अस्थियों का विसर्जन किया। इस दौरान परिवार ने विधि-विधान से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।
Vidisha News : बेटे की मौत के बाद 5 दिन तक शव के पास बैठी रही मां, बाइबिल रखकर करती रही प्रार्थना
मामले से जुड़े दो अहम सवाल
पूर्व जज की गिरफ्तारी में विशेष प्रक्रिया अपनाई गई। सीबीआई ने गिरफ्तारी की जानकारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की।
फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि ट्विशा शर्मा मामले की सुनवाई किस अदालत में होगी, क्योंकि भोपाल में सीबीआई मामलों के लिए अलग से अधिसूचित अदालत नहीं है।