Betul Cow Incident : बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शाहपुर ब्लॉक के कोयलारी गांव में तालाब पर पानी पीने पहुंचीं गायों ने आटे में छिपाकर रखे विस्फोटक गोले खा लिए। जैसे ही उन्होंने इन्हें चबाया, जोरदार धमाका हुआ और कई मवेशियों के जबड़े बुरी तरह फट गए।
हादसे में दो गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 गायें और एक बैल गंभीर रूप से घायल हैं। पशुओं की हालत इतनी खराब है कि वे न खाना खा पा रहे हैं और न पानी पी पा रहे हैं।
खेत किनारे रखे थे बारूद भरे गोले
घटना 5 मई की बताई जा रही है। ग्रामीणों की सूचना पर भौंरा चौकी पुलिस और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि खेत के पास तालाब किनारे आटे और दाल में लिपटे बारूद भरे गोले रखे गए थे।
नर्मदापुरम से बम स्क्वॉड की टीम बुलाई गई, जिसने मौके से 9 अन्य विस्फोटक गोले बरामद कर सुरक्षित तरीके से नष्ट किए।
आरोपी इटारसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार
पुलिस जांच में पता चला कि जिस खेत के पास विस्फोटक मिले, वह कोयलारी निवासी राकेश चौहान का है। घटना के बाद आरोपी परिवार सहित गांव से फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने उसे इटारसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने जंगली सूअरों को मारने के लिए “सूअर मार बम” तैयार किए थे। फसल नुकसान से परेशान होकर उसने बारूद वाले गोलों पर आटा और दाल चिपकाकर खेत के पास रख दिए थे, ताकि जंगली सूअर उन्हें खा लें।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की धारा 325 के तहत मामला दर्ज किया है।
डॉक्टर बोले- जबड़े पूरी तरह फट चुके, बचने की संभावना कम
पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक सुरजीत सिंह के मुताबिक, विस्फोट पशुओं के मुंह में चबाने के दौरान हुआ। बमों में बारूद के साथ छोटे-छोटे पत्थर भी भरे गए थे, जिससे मवेशियों के जबड़े बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
डॉक्टरों ने बताया कि कई पशुओं के निचले जबड़े टूटकर लटक गए हैं और पत्थर भोजन नली तक पहुंच गए हैं। ऐसे में उनका खाना-पानी लेना लगभग असंभव हो गया है। अगले 48 घंटे बेहद अहम बताए जा रहे हैं।
वन्यजीवों के लिए भी बड़ा खतरा
घटना स्थल सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटे इलाके में है। वन विभाग ने मामले की जांच वन्यजीव एंगल से भी शुरू कर दी है।
डीएफओ उत्तर नवीन गर्ग ने कहा कि गर्मी के मौसम में जंगली जानवर पानी की तलाश में जलस्रोतों तक आते हैं। ऐसे में इस तरह के विस्फोटक चारे से जंगली सूअर, हिरण, नीलगाय, भालू और तेंदुए जैसे वन्यजीव भी शिकार हो सकते हैं।
वन विभाग ने जंगल से लगे सभी जलस्रोतों और वॉटर होल के आसपास निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं ऐसे बम
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आटे में लिपटे ये विस्फोटक गोले देखने में सामान्य खाद्य पदार्थ जैसे लगते हैं। ऐसे में बच्चे या ग्रामीण इन्हें गलती से छू लें तो बड़ा हादसा हो सकता है।
पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने विस्फोटक सामग्री कहां से हासिल की।